Nabi menawarkan taubat kepada dua orang yang berli'an sebelum memisahkan keduanya
Imam Bukhari : 4899
حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ زُرَارَةَ أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ قَالَ قُلْتُ لِابْنِ عُمَرَرَجُلٌ قَذَفَ امْرَأَتَهُ فَقَالَ فَرَّقَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَ أَخَوَيْ بَنِي الْعَجْلَانِ وَقَالَ اللَّهُ يَعْلَمُ أَنَّ أَحَدَكُمَا كَاذِبٌ فَهَلْ مِنْكُمَا تَائِبٌ فَأَبَيَا وَقَالَ اللَّهُ يَعْلَمُ أَنَّ أَحَدَكُمَا كَاذِبٌ فَهَلْ مِنْكُمَا تَائِبٌ فَأَبَيَا فَقَالَ اللَّهُ يَعْلَمُ أَنَّ أَحَدَكُمَا كَاذِبٌ فَهَلْ مِنْكُمَا تَائِبٌ فَأَبَيَا فَفَرَّقَ بَيْنَهُمَاقَالَ أَيُّوبُ فَقَالَ لِي عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ إِنَّ فِي الْحَدِيثِ شَيْئًا لَا أَرَاكَ تُحَدِّثُهُ قَالَ قَالَ الرَّجُلُ مَالِي قَالَ قِيلَ لَا مَالَ لَكَ إِنْ كُنْتَ صَادِقًا فَقَدْ دَخَلْتَ بِهَا وَإِنْ كُنْتَ كَاذِبًا فَهُوَ أَبْعَدُ مِنْكَ
हमका बतावा है [अमरू बिन जुराह] हमका [इस्माइल] से [अय्यूब] से [सैद बिन जुबैर] से कहिस है; हम एक बार [इब्न उमर] से पूछेन, 'जब एक आदमी अपनी पत्नी पर व्यभिचार का आरोप लगावत है तो का होत है?' उ जवाब दिहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बानी अजलान से दो लोगों को अलग किया और उन्होंने कहा: 'अल्लाह जानत है कि तुममें से एक झूठ बोल रहा है। का तुम दूनौ के बीच कोऊ पश्चाताप करै चाहत है का?' हालांकि, दुइनौ जने ई प्रस्ताव से इनकार कइ दिहिन, यहिसे उ आखिर मा दुइनौ का अलग कइ दिहिन। [अय्यूब] कहिन; त [अमरू बिन दीनार] मुझसे कहिन, 'वास्तव मा, हदीस मा अबहियों एक अभिव्यक्ति है जेकरे बारे मा हमका नाहीं लागत कि आपने बतावा है'। अमरू बिन दिनार कटाकाना; ऊ आदमी कहिस- 'फिर मोर संपत्ति का का होई?' उ कहिन: 'तुम्हारे लिए धन नाहीं है। अगर वहिका दहेज दीन है तौ वहिके साथै यौन शोषण भी कीन है। अऊर अगर आप झूठ बोलत हई, तौ चीजें निश्चित रूप से आगे बढ़ि जइहैं'।