Rasulullah keluar saat sakit menjelang Wafat dan memuji Abu Bakar sebagai orang yang paling dipercaya
Imam Bukhari : 447
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ الْجُعْفِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ سَمِعْتُ يَعْلَى بْنَ حَكِيمٍ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَخَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ عَاصِبٌ رَأْسَهُ بِخِرْقَةٍ فَقَعَدَ عَلَى الْمِنْبَرِ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ إِنَّهُ لَيْسَ مِنْ النَّاسِ أَحَدٌ أَمَنَّ عَلَيَّ فِي نَفْسِهِ وَمَالِهِ مِنْ أَبِي بكْرِ بْنِ أَبِي قُحَافَةَ وَلَوْ كُنْتُ مُتَّخِذًا مِنْ النَّاسِ خَلِيلًا لَاتَّخَذْتُ أَبَا بَكْرٍ خَلِيلًا وَلَكِنْ خُلَّةُ الْإِسْلَامِ أَفْضَلُ سُدُّوا عَنِّي كُلَّ خَوْخَةٍ فِي هَذَا الْمَسْجِدِ غَيْرَ خَوْخَةِ أَبِي بَكْرٍ
हमका बतावा गा है [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद अल जुफी] कहिन, हमसे बतावा गा है [वाहब बिन जरीर] कहिन, हमसे [मेरे पिता] बतावा गा है कि उ कहिन, हम [य'ला बिन हकीम] का ['इकरीम] से [इब्न अब्बास] से कहते सुने रहेन, 'एक दिन रसूलुल्लाह सल्लाह अलैह वल्लम इलाहुल्लाम राज्य से बाहर आए ओकरे मउत तक। उ समय उनकर माथा एक कपड़ा मा लपेटा गा रहा, उ फिर पल्पिट पर गें अऊर अल्लाह के पूजा अऊर स्तुति कहिन। तब उ कहिन: 'सचमुच, अबू बकर बिन अबू कहाफा से ज्यादा अपने आप मा अऊर अपने धन दुइनौ मा मोर सामने भरोसेमंद कौनो नाहीं है। अगर मैं अपनी उम्मत से एक प्रेमी ले सकत रहौं, तौ बेशक मैं अबू बकर का आपन प्रेमी मान लेत रहौं। हालांकि, इस्लामी भाईचारा ज्यादा महत्वपूर्ण है। अबू बकर के दरवाजे को छोड़कर मुझसे सब दरवाजे बंद कर दो।'