Imam Bukhari : 4877
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا لَيْثٌ عَنْ نَافِعٍ أَنَّ ابْنَ عُمَرَكَانَ إِذَا سُئِلَ عَنْ نِكَاحِ النَّصْرَانِيَّةِ وَالْيَهُودِيَّةِ قَالَ إِنَّ اللَّهَ حَرَّمَ الْمُشْرِكَاتِ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ وَلَا أَعْلَمُ مِنْ الْإِشْرَاكِ شَيْئًا أَكْبَرَ مِنْ أَنْ تَقُولَ الْمَرْأَةُ رَبُّهَا عِيسَى وَهُوَ عَبْدٌ مِنْ عِبَادِ اللَّهِ
हमसे [कुतैबा] बतावा गा है [नाफी] से हमका [लैट्स] बतावा गा है कि जब [इब्न उमर] से ईसाई औरतन अऊर यहूदी औरतन से शादी करै के कानून के बारे मा पूछा गा तौ उ जवाब दिहिन, 'वास्तव मा, अल्लाह ने उन लोगन के लिए बहुदेववादी औरतन का मना किहिन है जे ईमानदार हैं। अऊर मैं एक औरत से बड़ा कौनो शिर्क के बारे मा नाहीं जानत हउँ जे कहत है कि ओकर रब्ब ईसा है, भले ही उ केवल अल्लाह के सेवकन के सेवक है।