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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4869

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ الْمُخَرِّمِيُّ حَدَّثَنَا قُرَادٌ أَبُو نُوحٍ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَجَاءَتْ امْرَأَةُ ثَابِتِ بْنِ قَيْسِ بْنِ شَمَّاسٍ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا أَنْقِمُ عَلَى ثَابِتٍ فِي دِينٍ وَلَا خُلُقٍ إِلَّا أَنِّي أَخَافُ الْكُفْرَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَرُدِّينَ عَلَيْهِ حَدِيقَتَهُ فَقَالَتْ نَعَمْ فَرَدَّتْ عَلَيْهِ وَأَمَرَهُ فَفَارَقَهَاحَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ أَنَّ جَمِيلَةَ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ

हमसे कहिन [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक अल मुखर्रिमी] हमसे कहिन हैं [कुराद अबू नुह] हमसे [जरीर बिन हाजिम] से [अय्यूब] से [इकरीमा] से [इब्न अब्बास] रादलियाहु अन्हुमा से कहिन हैं, उ कहिन; एक बार थाबित बिन कैस बिन स्यामस के पत्नी ने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा कि हे रसूलुल्लाह, मैं थाबित के उनके धर्म या नैतिकता के लिए आलोचना नहीं कर रहा हूँ, लेकिन मुझे चिंता है कि उ कफिर में पड़ जाय'। तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'तब, ओकर बगीचा लौटावा'। ऊ कहिस, 'हाँ'। तौ उ बाग थाबित का लौटा दिहिस, तौ थाबित औरत का छोड़ दिहिस। हमसे [सुलेमान] हमसे [हम्मद] से [अय्यूब] से [इकरीमा] से कहिन है कि जमीला...फिर उ हदीस का भी जिक्र किहिन।