Imam Bukhari : 4751
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسٍأَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ تَزَوَّجَ امْرَأَةً عَلَى وَزْنِ نَوَاةٍ فَرَأَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَشَاشَةَ الْعُرْسِ فَسَأَلَهُ فَقَالَ إِنِّي تَزَوَّجْتُ امْرَأَةً عَلَى وَزْنِ نَوَاةٍوَعَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ تَزَوَّجَ امْرَأَةً عَلَى وَزْنِ نَوَاةٍ مِنْ ذَهَبٍ
हमसे [सुलेमान बिन हरब] बतावा गा है [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] से [अनस] से [स्युबाह] बतावा गा है कि अब्दुर्रहमान बिन औफ ने वज़्न नावत -सोने के दाने- के रूप मा दहेज के साथ एक औरत से शादी की, तब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वलीलाम ने पार्टी का पूरा साक्षी रहा, जवन तब अब्दुर्रहमान कहिन, 'वास्तव मा हम एक औंस सोना के दहेज से एक औरत से बियाह किहे हई'। अऊर [कतदाह] से [अनास] से; अब्दुर्रहमान बिन औफ ने एक औंस सोने के दहेज से एक औरत से शादी की।