Rasulullah menolak Utsman bin Mazh'un untuk membujang (tabattul)
इमाम मुस्लिम : 2490
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنَا حُجَيْنُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا لَيْثٌ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ قَالَ أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ سَمِعَ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ يَقُولُا أَرَادَ عُثْمَانُ بْنُ مَظْعُونٍ أَنْ يَتَبَتَّلَ فَنَهَاهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَوْ أَجَازَ لَهُ ذَلِكَ لَاخْتَصَيْنَا
मुहम्मद बिन राफ़ी ने हमें बताया है कि हुजैन बिन मुत्सन्ना ने हमें बताया है कि उकैल ने इब्न शिहाब से कहा है कि उसने कहा, सईद बिन मुसय्यब ने मुझे बताया है कि उसने सईद बिन अबू वकाश को यह कहते सुना है; "उथमन बिन मज़हून ने ब्रह्मचारी जीवन जिया, फिर रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उसे मना किया। अगर उसने इसकी अनुमति दी होती, तो हम खुद को बधिया कर लेते।"