Imam Bukhari : 4641
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ قَالَأَتَتْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ امْرَأَةٌ فَقَالَتْ إِنَّهَا قَدْ وَهَبَتْ نَفْسَهَا لِلَّهِ وَلِرَسُولِهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَا لِي فِي النِّسَاءِ مِنْ حَاجَةٍ فَقَالَ رَجُلٌ زَوِّجْنِيهَا قَالَ أَعْطِهَا ثَوْبًا قَالَ لَا أَجِدُ قَالَ أَعْطِهَا وَلَوْ خَاتَمًا مِنْ حَدِيدٍ فَاعْتَلَّ لَهُ فَقَالَ مَا مَعَكَ مِنْ الْقُرْآنِ قَالَ كَذَا وَكَذَا قَالَ فَقَدْ زَوَّجْتُكَهَا بِمَا مَعَكَ مِنْ الْقُرْآنِ
हमसे कहिस है [अमरू बिन औन] हमसे [हम्मद] से [अबू हाजिम] से [सहल बिन साद] कहिस है; एक औरत पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आई अऊर कहिस कि हम खुद का अल्लाह अऊर उनके रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समर्पित कइ दिहे हई। तौ उ कहिन: 'मोका वहि औरत के प्रति कउनौ इच्छा नाहीं है'। अचानक एक आदमी बोला, 'हमका ओसे शादी करौ'। उ कहिन: 'ओका दहेज - रूप मा - कपड़ा दइ देइ'। ऊ आदमी कहिस, 'मोरे पास कुछौ नाहीं है'। उ इहौ फिर से कहिन, 'भले ही ई खाली लोहा के अंगूठी होय, देइ दे'। पता चला कि वहिके पास भी एकौ नाहीं रहा। फिर पूछिन कि 'कुरान रट लिहे हौ का?' ऊ मनई जवाब दिहिस, 'हाँ, फलाना चिट्ठी'। तौ उ कहिन: 'मैं तोहरे कुरान रटै के दहेज से, हम तोहरे बियाह उ औरत से किहे हई'।