Sesuatu yang diijinkan oleh Allah kepada Nabi-Nya adalah melagukan Al Qur'an
Imam Bukhari : 4635
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ قَالَ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَأْذَنْ اللَّهُ لِشَيْءٍ مَا أَذِنَ لِلنَّبِيِّ أَنْ يَتَغَنَّى بِالْقُرْآنِ وَقَالَ صَاحِبٌ لَهُ يُرِيدُ يَجْهَرُ بِهِ
हमसे [यह्या बिन बुकैर] बताइके उ कहिन, [उकैल] से [इब्न शिहाब] से [अल लैट्स] बताइके उ कहिन; [अबू हुरैरा] रदलियाल्लाहु अन्हू से मोका [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] के बारे मा बतावा गा है कि उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अल्लाह ने पैगम्बर का कुरान गावै के इजाजत के तरह कुछौ इजाजत नाहीं दिहिन'। उनके एक दोस्त ने कहा; बात ई है कि ईका जोर से गावा जाय।