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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Ada sujud tilawah dalam surat al-Insyiqaq

Imam Muslim : 907

و حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَا حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ عَنْ أَبِيهِ عَنْ بَكْرٍ عَنْ أَبِي رَافِعٍ قَالَ صَلَّيْتُ مَعَ أَبِي هُرَيْرَةَ صَلَاةَ الْعَتَمَةِ فَقَرَأَ إِذَا السَّمَاءُ انْشَقَّتْ فَسَجَدَ فِيهَا فَقُلْتُ لَهُ مَا هَذِهِ السَّجْدَةُ فَقَالَ سَجَدْتُ بِهَا خَلْفَ أَبِي الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَا أَزَالُ أَسْجُدُ بِهَا حَتَّى أَلْقَاهُ و قَالَ ابْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى فَلَا أَزَالُ أَسْجُدُهَا حَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَ ح و حَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ يَعْنِي ابْنَ زُرَيْعٍ قَالَ ح و حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ حَدَّثَنَا سُلَيْمُ بْنُ أَخْضَرَ كُلُّهُمْ عَنْ التَّيْمِيِّ بِهَذَا الْإِسْنَادِ غَيْرَ أَنَّهُمْ لَمْ يَقُولُوا خَلْفَ أَبِي الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

अर उण म्हानै बतायो ['उबैदुल्लाह बिन मुआज़] अर [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] उण कह्यो; म्हानै [अल मुतमीर] सूं [उणरै पिता] सूं [बकर] सूं [अबू रफी] सूं बतायो है, उण कैयो; 'मैं एक बार [अबू हुरैरा] रै सागै ईशा री नमाज पढ़ी, जद उण इदजास समाउन सियाकत पढ़ी तो उण सजदा करियो, फेर म्हैं उणसूं पूछ्यो; 'ओ सिजदा कांई है?' उण जवाब दियो; 'मैं एक बार अबुल कासिम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै लारै सजदा करियो हो, सो मैं मरतां तांई उण अक्षर नै सजदा करतो रैसूं'। इब्न अब्दुल अ'ला कह्यो; 'फेर म्हैं कदैई उण चिट्ठी रै साम्हीं झुकणो नीं छोडूंला'। म्हनैं बतायो गयो है ['अमरू अन नकीद] म्हानैं [ईसा बिन यूनुस] बतायो है, बां कैयो, -अर दूजा मारग सूं म्हानैं बतायो है [अबू कामिल] म्हानैं [यजीद] अर्थात इब्न ज़ुराई नैं बतायो है' बां कैयो, -अर दूजा मारग सूं बतायो है- म्हानैं बतायो है [अहमद बिन म्हानैं बतायो है]। [सुलैम बिन अखडलर], [अट तैमी] सूं सगळो कीं इण सनाद रै साथै, फगत उण नीं कैयो; 'अबुल कासिम रै लारै शाल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 6843, 7067, 7089, 7447, 8980, 9234, 9427, 9454, 9482, 9499, 9535, 9559, 9637, 9638, 9923, 10425
Imam Muslim : 904, 905, 906, 907, 908
Imam Abu Dawud : 1198, 1199
Imam Tirmidzi : 523
Imam Nasa'i : 952, 953, 954, 955, 956, 957, 958
Imam Ibnu Majah : 1048, 1049
Imam Malik : 429
Imam Darimi : 1432, 1433, 1434, 1435