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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Asal usul berhala kaum Nabi Nuh dan penyebarannya di kalangan bangsa arab

Imam Bukhari : 4539

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى أَخْبَرَنَا هِشَامٌ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ وَقَالَ عَطَاءٌ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاصَارَتْ الْأَوْثَانُ الَّتِي كَانَتْ فِي قَوْمِ نُوحٍ فِي الْعَرَبِ بَعْدُ أَمَّا وَدٌّ كَانَتْ لِكَلْبٍ بِدَوْمَةِ الْجَنْدَلِ وَأَمَّا سُوَاعٌ كَانَتْ لِهُذَيْلٍ وَأَمَّا يَغُوثُ فَكَانَتْ لِمُرَادٍ ثُمَّ لِبَنِي غُطَيْفٍ بِالْجَوْفِ عِنْدَ سَبَإٍ وَأَمَّا يَعُوقُ فَكَانَتْ لِهَمْدَانَ وَأَمَّا نَسْرٌ فَكَانَتْ لِحِمْيَرَ لِآلِ ذِي الْكَلَاعِ أَسْمَاءُ رِجَالٍ صَالِحِينَ مِنْ قَوْمِ نُوحٍ فَلَمَّا هَلَكُوا أَوْحَى الشَّيْطَانُ إِلَى قَوْمِهِمْ أَنْ انْصِبُوا إِلَى مَجَالِسِهِمْ الَّتِي كَانُوا يَجْلِسُونَ أَنْصَابًا وَسَمُّوهَا بِأَسْمَائِهِمْ فَفَعَلُوا فَلَمْ تُعْبَدْ حَتَّى إِذَا هَلَكَ أُولَئِكَ وَتَنَسَّخَ الْعِلْمُ عُبِدَتْ

हमरा सभकेँ [इब्राहिम बिन मूसा] हमरा सभकेँ [इब्न जुरैज]सँ [हसीम] कहलक अछि आ [अथा`] कहलक; [इब्न अब्बास रदलियाहु 'अनहुमा] से कि; जे मूर्ति कहियो पैगम्बर नूह के लोक द्वारा महिमामंडन कयल गेल छल से बाद में अरब के बीच पसरल | वड्ड तोरा लेल मूर्ति बनि गेल कलब दौमाह अल जंडाल मे। बानु हुडजैल के लिये सुवा'। जौफ में मुराद एवं बानी घुथाइफ के लिये यकुत ठीक सबा` में | रहल बात याउक के त बनी हमदान के अछि। एम्हर नशर ज़ुल कला' के हिम्यार परिवार के लेल अछि | पैगम्बर नूह के लोक स सालीह लोक के नाम ओ सब छैथ। जखन ओ सभ मरि गेल तखन शैतान हुनका सभक लोक सभ केँ फुसफुसाइत कहलक जे हुनका सभक सभा मे मूर्ति ठाढ़ करू आ हुनका सभक नाम पर राखू। तेँ ओ सभ से केलनि, आ ओहि समय मे मूर्ति सभक पूजा ताबत धरि नहि होइत छल जाबत धरि ओ सभ मरि नहि जाइत छल, तकर बाद ज्ञान खतम भेलाक बाद मूर्ति सभक पूजा होइत छल' |

Hadith Corroboration :