Umar menangis melihat bekas tikar di lambung Nabi, dan sabda beliau: tidak ridhakah engkau bila mereka mendapat dunia dan kita mendapat akhirat
Imam Bukhari : 4532
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ بِلَالٍ عَنْ يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ بْنِ حُنَيْنٍ أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا يُحَدِّثُ أَنَّهُ قَالَمَكَثْتُ سَنَةً أُرِيدُ أَنْ أَسْأَلَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ عَنْ آيَةٍ فَمَا أَسْتَطِيعُ أَنْ أَسْأَلَهُ هَيْبَةً لَهُ حَتَّى خَرَجَ حَاجًّا فَخَرَجْتُ مَعَهُ فَلَمَّا رَجَعْنَا وَكُنَّا بِبَعْضِ الطَّرِيقِ عَدَلَ إِلَى الْأَرَاكِ لِحَاجَةٍ لَهُ قَالَ فَوَقَفْتُ لَهُ حَتَّى فَرَغَ ثُمَّ سِرْتُ مَعَهُ فَقُلْتُ يَا أَمِيرَ الْمُؤْمِنِينَ مَنْ اللَّتَانِ تَظَاهَرَتَا عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ أَزْوَاجِهِ فَقَالَ تِلْكَ حَفْصَةُ وَعَائِشَةُ قَالَ فَقُلْتُ وَاللَّهِ إِنْ كُنْتُ لَأُرِيدُ أَنْ أَسْأَلَكَ عَنْ هَذَا مُنْذُ سَنَةٍ فَمَا أَسْتَطِيعُ هَيْبَةً لَكَ قَالَ فَلَا تَفْعَلْ مَا ظَنَنْتَ أَنَّ عِنْدِي مِنْ عِلْمٍ فَاسْأَلْنِي فَإِنْ كَانَ لِي عِلْمٌ خَبَّرْتُكَ بِهِ قَالَ ثُمَّ قَالَ عُمَرُ وَاللَّهِ إِنْ كُنَّا فِي الْجَاهِلِيَّةِ مَا نَعُدُّ لِلنِّسَاءِ أَمْرًا حَتَّى أَنْزَلَ اللَّهُ فِيهِنَّ مَا أَنْزَلَ وَقَسَمَ لَهُنَّ مَا قَسَمَ قَالَ فَبَيْنَا أَنَا فِي أَمْرٍ أَتَأَمَّرُهُ إِذْ قَالَتْ امْرَأَتِي لَوْ صَنَعْتَ كَذَا وَكَذَا قَالَ فَقُلْتُ لَهَا مَا لَكَ وَلِمَا هَا هُنَا وَفِيمَ تَكَلُّفُكِ فِي أَمْرٍ أُرِيدُهُ فَقَالَتْ لِي عَجَبًا لَكَ يَا ابْنَ الْخَطَّابِ مَا تُرِيدُ أَنْ تُرَاجَعَ أَنْتَ وَإِنَّ ابْنَتَكَ لَتُرَاجِعُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى يَظَلَّ يَوْمَهُ غَضْبَانَ فَقَامَ عُمَرُ فَأَخَذَ رِدَاءَهُ مَكَانَهُ حَتَّى دَخَلَ عَلَى حَفْصَةَ فَقَالَ لَهَا يَا بُنَيَّةُ إِنَّكِ لَتُرَاجِعِينَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى يَظَلَّ يَوْمَهُ غَضْبَانَ فَقَالَتْ حَفْصَةُ وَاللَّهِ إِنَّا لَنُرَاجِعُهُ فَقُلْتُ تَعْلَمِينَ أَنِّي أُحَذِّرُكِ عُقُوبَةَ اللَّهِ وَغَضَبَ رَسُولِهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا بُنَيَّةُ لَا يَغُرَّنَّكِ هَذِهِ الَّتِي أَعْجَبَهَا حُسْنُهَا حُبُّ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِيَّاهَا يُرِيدُ عَائِشَةَ قَالَ ثُمَّ خَرَجْتُ حَتَّى دَخَلْتُ عَلَى أُمِّ سَلَمَةَ لِقَرَابَتِي مِنْهَا فَكَلَّمْتُهَا فَقَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ عَجَبًا لَكَ يَا ابْنَ الْخَطَّابِ دَخَلْتَ فِي كُلِّ شَيْءٍ حَتَّى تَبْتَغِيَ أَنْ تَدْخُلَ بَيْنَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَزْوَاجِهِ فَأَخَذَتْنِي وَاللَّهِ أَخْذًا كَسَرَتْنِي عَنْ بَعْضِ مَا كُنْتُ أَجِدُ فَخَرَجْتُ مِنْ عِنْدِهَا وَكَانَ لِي صَاحِبٌ مِنْ الْأَنْصَارِ إِذَا غِبْتُ أَتَانِي بِالْخَبَرِ وَإِذَا غَابَ كُنْتُ أَنَا آتِيهِ بِالْخَبَرِ وَنَحْنُ نَتَخَوَّفُ مَلِكًا مِنْ مُلُوكِ غَسَّانَ ذُكِرَ لَنَا أَنَّهُ يُرِيدُ أَنْ يَسِيرَ إِلَيْنَا فَقَدْ امْتَلَأَتْ صُدُورُنَا مِنْهُ فَإِذَا صَاحِبِي الْأَنْصَارِيُّ يَدُقُّ الْبَابَ فَقَالَ افْتَحْ افْتَحْ فَقُلْتُ جَاءَ الْغَسَّانِيُّ فَقَالَ بَلْ أَشَدُّ مِنْ ذَلِكَ اعْتَزَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَزْوَاجَهُ فَقُلْتُ رَغَمَ أَنْفُ حَفْصَةَ وَعَائِشَةَ فَأَخَذْتُ ثَوْبِي فَأَخْرُجُ حَتَّى جِئْتُ فَإِذَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَشْرُبَةٍ لَهُ يَرْقَى عَلَيْهَا بِعَجَلَةٍ وَغُلَامٌ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَسْوَدُ عَلَى رَأْسِ الدَّرَجَةِ فَقُلْتُ لَهُ قُلْ هَذَا عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَأَذِنَ لِي قَالَ عُمَرُ فَقَصَصْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذَا الْحَدِيثَ فَلَمَّا بَلَغْتُ حَدِيثَ أُمِّ سَلَمَةَ تَبَسَّمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَإِنَّهُ لَعَلَى حَصِيرٍ مَا بَيْنَهُ وَبَيْنَهُ شَيْءٌ وَتَحْتَ رَأْسِهِ وِسَادَةٌ مِنْ أَدَمٍ حَشْوُهَا لِيفٌ وَإِنَّ عِنْدَ رِجْلَيْهِ قَرَظًا مَصْبُوبًا وَعِنْدَ رَأْسِهِ أَهَبٌ مُعَلَّقَةٌ فَرَأَيْتُ أَثَرَ الْحَصِيرِ فِي جَنْبِهِ فَبَكَيْتُ فَقَالَ مَا يُبْكِيكَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ كِسْرَى وَقَيْصَرَ فِيمَا هُمَا فِيهِ وَأَنْتَ رَسُولُ اللَّهِ فَقَالَ أَمَا تَرْضَى أَنْ تَكُونَ لَهُمْ الدُّنْيَا وَلَنَا الْآخِرَةُ
हमसे [अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला] हमसे [सुलेमान बिन बिलाल] [यह्या] से [उबैद बिन हुनैन] से कहिन है कि उ [इब्नू अब्बास रदलियाल्लाहु अन्हू] का बतावत सुने रहे, कि उ कहिन; हम एक साल तक रोक लिहेन। दरअसल मैं उमर बिन अल खठथब से एक श्लोक के बारे मा पूछै चाहत रहेंव, लेकिन मैं उनसे सिर्फ एहसे नाहीं पूछेंव काहे से कि मैं हिचकिचाहट करत रहेंव। जब तक कि एक दिन हज करै खातिर निकरिन, तबै मैं उनके साथै निकरेन। वापसी के रास्ता मा, उमर खुद का राहत देय के लिए अराक के पेड़न के ओर एक तरफ कदम रखिन, अऊर मैं ओकरे पेशाब खतम होय तक ओकर इंतजार करत खड़ा रहा। फिर हमका उनसे खुशी महसूस भै, हम पूछेन, 'हे अमीरुल मुकमिनिन, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियन से दुइनौ औरत कौन हैं जे ओनका परेशान करै मा एक दूसरे के मदद किहिन?' त [उमर] ने जवाब दिया, 'ई दुइनौ हफशाह अऊर ऐसियाह हैं'। हम कहिन, 'अल्लाह के कसम, दरअसल एक साल पहिले से हम आपसे ई पूछै चाहत रहेन, लेकिन हम कभी नाहीं पूछेन काहे से कि हम आपसे हिचकिचात रहेन'। उमर कहिन, ऐसा मत करौ। अगर तुमका लागत है कि तुम कुछ जानत हौ, तौ पूछौ। अगर हम सचमुच जानित है, तौ हम आपका निश्चित रूप से बताइब'। तब उमर कहिन, 'अल्लाह के कसम, अज्ञानता के दिनन मा, हम कभी भी ओन विचारन या सुझावन पर विचार नाहीं किहेन जवन औरतन से आवा रहा, यहिसे अल्लाह ओनके अधिकारन के बारे मा आयत उतारिन, अऊर उ अधिकारन का बांटिन जवन उ बांटिन'। उमर आगे कहिन, 'त जब एक समस्या का सामना करै का पड़ा, जेकरे बारे मा हम विचार करै चाहत रहेन, तौ अचानक हमार पत्नी कहिन, 'कास तुम फलाना-फलाना करत! ' त हम ओसे कहेन, 'तुमका का बुराई है, तुम काहे हस्तक्षेप करत हौ, अऊर तुम ओन मामलन मा काहे दखल देत हौ जवन हम चाहित है? ' मेरी पत्नी ने जवाब दिया, 'तुम बहुत अजीब हो, हे इब्नुल खथतब! का आप चर्चा मा आमंत्रित नाहीं होब चाहत हई भले ही आपकी खुद के बिटिया रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से चर्चा के लिए कहिस जब तक कि उ गुस्सा महसूस करत आपन दिन न बिताए? ''अंत मा उमर आपन कपड़ा लेय खातिर दौड़िन अऊर तुरंत हफशाह से मिलिन अऊर ओनसे कहिन, 'हे मोर बेटवा, तुम वास्तव मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथे चर्चा करै का आमंत्रित किहिन जब तक कि उ आपन दिन गुस्सा महसूस करत नाहीं बिताइन'। हफशाह कहिन, 'अल्लाह के कसम, हम सचमुच उनके साथ चर्चा का आमंत्रित करब'। हम उनसे कहिन, 'जानौ, हम तोहका अल्लाह के यातना अऊर उनके रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के गुस्सा से भी चेतावनी देत हई, हे मोर बेटवा। रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के उनके लिए प्यार के कारण, आप कभी नुकसान मा महसूस न करौ'। यहिके मतलब ई है कि ऐसिया के लिए उनकर प्यार है। उमर आपन कहानी जारी रखिन; फिर मैं तब तक बाहर गय जब तक कि मैं उम्म सलामा से नाहीं मिला काहे से कि हमरे साथ हमार करीबी रिश्ता रहा, फिर हम उनसे यहिके बारे मा बात किहेन। उम्म सलामा ने कहा, 'तुम वाकई अजीब हो, हे इब्नुल खथब। तुम सब मामलन मा घुसि गये हौ। जब तक आप रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अऊर उनकी पत्नियन के बीच घटित मामलन मा प्रवेश नाहीं करय चाहत हैं। उम्म सलामाह ने मुझसे इनकार कर दिया, एक खंडन के साथ जो मेरी पिछली इच्छाओं को समाप्त कर दिहिस। यहिसे मैं तुरतै उनके निवास से बाहर निकल गयेंव। उ समय अंसार के बीच से मोर एक दोस्त रहा, अगर मैं मौजूद न रहित - पैगम्बर के सभा मा - तौ उ खबर पहुँचावत। अऊर अगर ऊ अनुपस्थित है, तौ मैं ही ओका नयी खबर पहुँचावै वाला हौं। वा समय हम घासन-राजान मा एक राजा से डेरात रहेन। खबर फइल गै रही कि हमरे जौन दिसा चलत अहै। जबकि यहिके छाँव हमरे छाती मा भरि गा है। जाहिर तौर पर, मोर एक अंसार दोस्त दरवाजा खटखटाइन, कहिन, 'दरवाजा खोलौ, दरवाजा खोलौ'। हम पूछेन, 'का राजा अल गसानी आए हैं?' ऊ जवाब दिहिस, 'यहिसे भी भयानक। दरअसल, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अपनी पत्नियन, खासकर हफशाह अऊर ऐस्या का तलाक दे दिहिस। h' तौ मैं तुरंत आपन कपड़ा लइ लिहेन अऊर बाहर निकरेन जब तक कि मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से उनके पीये के जगह पर नाहीं मिलेन, जेहिमा अगर उ चढ़त रहें तौ उ सीढ़ियन का इस्तेमाल करत रहें। इसी बीच रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम असवाद का सहायक सीढियों पर रहा। तौ हम उनसे कहेन, 'उनका बतावा कि ई उमर बिन अल खथब हैं'। फिर उ मोका अनुमति दिहिन। तब हम उनका ई घटना कै कहानी सुनायेन। जब कहानी उम् सलामा के साथे घटना के आई, तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुस्कुराइन। ऊ समय ऊ एक चटाई पर रहा जवन कुछौ से ढँका नाहीं रहा। उनके माथा के नीचे खाली चमड़ा से बना एक तकिया रहा जेहिमा रेशा भरा रहा। ओकरे दुइनौ गोड़न पै पत्ता डाला गा रहा, जबकि ओकरे माथा पै तन वाली चमड़ी रही। हम उनके शरीर के बाईं ओर चटाई के निशान देखेन, अऊर हम रोयेन। ऊ पूछिस, 'तुमका रोवै का कारन रहा?' हम जवाब दिहेन, 'हे अल्लाह के रसूल, वास्तव मा किसरा अऊर सम्राट दुनौ सुख मा हैं, जबकि तुम, हे अल्लाह के रसूल।' अंत मा उ कहिन: 'का तुम प्रसन्न न होब कि ई संसार ओनके होई, जबकि परलोक हमरे होई?'