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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4393

حَدَّثَنَا سَعْدُ بْنُ حَفْصٍ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ قَالَقَالَ ابْنُ أَبْزَى سَلْ ابْنَ عَبَّاسٍ عَنْ قَوْلِهِ تَعَالَى{ وَمَنْ يَقْتُلْ مُؤْمِنًا مُتَعَمِّدًا فَجَزَاؤُهُ جَهَنَّمُ خَالِدًا فِيهَا }وَقَوْلِهِ{ وَلَا يَقْتُلُونَ النَّفْسَ الَّتِي حَرَّمَ اللَّهُ إِلَّا بِالْحَقِّ حَتَّى بَلَغَ إِلَّا مَنْ تَابَ وَآمَنَ }فَسَأَلْتُهُ فَقَالَ لَمَّا نَزَلَتْ قَالَ أَهْلُ مَكَّةَ فَقَدْ عَدَلْنَا بِاللَّهِ وَقَدْ قَتَلْنَا النَّفْسَ الَّتِي حَرَّمَ اللَّهُ إِلَّا بِالْحَقِّ وَأَتَيْنَا الْفَوَاحِشَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ{ إِلَّا مَنْ تَابَ وَآمَنَ وَعَمِلَ عَمَلًا صَالِحًا إِلَى قَوْلِهِ غَفُورًا رَحِيمًا }

म्हानै बतायो है [सैद बिन हफश] म्हानै बतायो है [सैबान] सूं [मंसूर] सूं [सैद बिन जुबैर] बो बोल्यो; इब्न अबजा कह्यो; [इब्न अब्बास] सूं अल्लाह रै वचनां रै बारै में पूछो: 'अर कोई भी आदमी जाणबूझ'र किणी मोसी नै मार देवैला, उणरो इनाम नरक होसी, वो सदा रै वास्तै उण मांय रैसी'। -अन निसा`: 93- अर अल्लाह रो वचन: अर एक आत्मा नै मत मारो जिणनै अल्लाह मना कर दियो है -मारणो- सिवाय -एक- सही कारण रै.. आयत तांई सिवाय उण लोगां रै जिका पश्चाताप करै है... -अल फुरकान: 68-70-। तो म्हैं उणसूं पूछ्यो, उण जवाब दियो: 'जद ओ आयत उतर्यो, तो मक्का रा लोगां कैयो; म्हे अल्लाह सूं मुड़ग्या हां, म्हे बां आत्मावां नै मार दी जिणनै अल्लाह मना कर दियो है अर म्हे घिनौड़ा काम करिया है। फेर अल्लाह अज्जा वजल्ला ने वजह दी: 'सिवाय उण लोगां रै जिका पश्चाताप करै है, इमान करै है अर धर्मी काम करै है..'। छंद रै अंत तांई।