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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4384

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ عُمَرَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ أَبِي حُسَيْنٍ قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ أَبِي مُلَيْكَةَ قَالَ اسْتَأْذَنَ ابْنُ عَبَّاسٍقَبْلَ مَوْتِهَا عَلَى عَائِشَةَ وَهِيَ مَغْلُوبَةٌ قَالَتْ أَخْشَى أَنْ يُثْنِيَ عَلَيَّ فَقِيلَ ابْنُ عَمِّ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمِنْ وُجُوهِ الْمُسْلِمِينَ قَالَتْ ائْذَنُوا لَهُ فَقَالَ كَيْفَ تَجِدِينَكِ قَالَتْ بِخَيْرٍ إِنْ اتَّقَيْتُ قَالَ فَأَنْتِ بِخَيْرٍ إِنْ شَاءَ اللَّهُ زَوْجَةُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَمْ يَنْكِحْ بِكْرًا غَيْرَكِ وَنَزَلَ عُذْرُكِ مِنْ السَّمَاءِ وَدَخَلَ ابْنُ الزُّبَيْرِ خِلَافَهُ فَقَالَتْ دَخَلَ ابْنُ عَبَّاسٍ فَأَثْنَى عَلَيَّ وَوَدِدْتُ أَنِّي كُنْتُ نِسْيًا مَنْسِيًّاحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ عَبْدِ الْمَجِيدِ حَدَّثَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ الْقَاسِمِ أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ اسْتَأْذَنَ عَلَى عَائِشَةَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ نِسْيًا مَنْسِيًّا

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] हमसे [यह्या] से [उमर बिन सैद बिन अबू हुशैन] कहिन हैं; मोका [इब्न अबू अवलका] बताय के बाद उ कहिन; ऐसिया के मरय से पहिले, [इब्नू अब्बास] ओसे मिलै के अनुमति माँगिन, जे उ समय ऐस्या के बहुत कमजोर हालत मा रही। आयशा कहिन; हमका डर रहा कि उ हमार तारीफ करिहैं। फिर उनका बतावा गा कि उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के चाचा के बेटवा अऊर मुसलमानन के एक नेता हैं। त ऐसियाह कहिन; ओका अंदर जाय दै। घुसय के बाद इब्न अब्बास कहिन; तुम कइसे हौ? ऐसिया जवाब दिहिस; अगर मैं भक्त हौं तौ मैं अच्छी हालत मा हौं। इब्न अब्बास कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी के रूप मा, भगवान करे, आप हमेशा अच्छी हालत मा रहब, उ आपके अलावा कउनो अउर कुंवारी से शादी नाहीं किहिन। अऊर स्वर्ग से अल्लाह तोहका नीच आरोपन से मुक्त कइ दिहिस है। जब इब्न अब्बास घरे आवा तौ इब्न जुबैर घुसि गा। तब आयशा कहिन; अभी इब्न अब्बास आवा, अऊर उ मोर तारीफ किहिन। काश हम ईका भूल सकित -उनके स्तुति हो-। हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] हमसे कहिन हैं [अब्दुल वहाब बिन अब्दुल माजिद] हमसे [इब्नू औन] [अल कासिम] से कहिन हैं कि [इब्नू अब्बास रदलियाअल्लाहु अन्हू] ने ऐसिया से मिले के अनुमति माँगी -एक समान हदीस के साथ- लेकिन उ वाक्य का जिक्र नाहीं किहिन; 'काश हम ईका भूल सकित'।