Turunnya QS. Al-Anfal: 33-34 setelah Abu Jahal menantang Allah menurunkan hujan batu atau azab pedih jika Al Qur'an itu benar
Imam Bukhari : 4281
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ هُوَ ابْنُ كُرْدِيدٍ صَاحِبُ الزِّيَادِيِّ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُقَالَ أَبُو جَهْلٍ اللَّهُمَّ إِنْ كَانَ هَذَا هُوَ الْحَقَّ مِنْ عِنْدِكَ فَأَمْطِرْ عَلَيْنَا حِجَارَةً مِنْ السَّمَاءِ أَوْ ائْتِنَا بِعَذَابٍ أَلِيمٍ فَنَزَلَتْ{ وَمَا كَانَ اللَّهُ لِيُعَذِّبَهُمْ وَأَنْتَ فِيهِمْ وَمَا كَانَ اللَّهُ مُعَذِّبَهُمْ وَهُمْ يَسْتَغْفِرُونَ وَمَا لَهُمْ أَنْ لَا يُعَذِّبَهُمْ اللَّهُ وَهُمْ يَصُدُّونَ عَنْ الْمَسْجِدِ الْحَرَامِ }الْآيَةَ
हमसे कहिस है [अहमद] हमसे कहिस है [उबैदुल्लाह बिन मुआज़] हमसे कहिस है [मेरे पिता] हमसे [स्युबाह] ['अब्दु हामिद] अर्थात् इब्न कुर्दीद अज़ जियादी के दोस्त से कहिस है, उ [अनास बिन मलिक रदलियाअल्लाहु अन्हू] का कहत सुना है; अबू जहल कहिन; 'हे अल्लाह, अगर ई - कुरान - सच है, तौ ई तोहरे तरफ से सच है, तौ हमरे ऊपर आसमान से पत्थर बरसा, या हमरे ऊपर कष्टदायक सजा लावा'। तौ ई आयत उतरी: अऊर अल्लाह ओनका कभी सजा नाहीं देई जब तक तुम ओनके बीच मा रहब। अऊर जब तक उ माफी मांगत हैं तब तक अल्लाह ओनका सजा नाहीं देई। अल्लाह ओनका सजा काहे नाहीं देत है भले ही उ लोग लोगन का ग्रैंड मस्जिद मा प्रवेश से रोकत हैं.. -अन अनफल: 33-34-.