Imam Bukhari : 6796
حَدَّثَنِي أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ حَدَّثَنَا بُرَيْدٌ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ قَالَ قَدِمْتُ الْمَدِينَةَ فَلَقِيَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ فَقَالَ لِي انْطَلِقْ إِلَى الْمَنْزِلِ فَأَسْقِيَكَ فِي قَدَحٍ شَرِبَ فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَتُصَلِّي فِي مَسْجِدٍ صَلَّى فِيهِ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَانْطَلَقْتُ مَعَهُ فَسَقَانِي سَوِيقًا وَأَطْعَمَنِي تَمْرًا وَصَلَّيْتُ فِي مَسْجِدِهِ
ई मोका बतावा गा है [अबू कुरैब] हमसे कहिन है [अबू उसामा] हमसे कहिन है [बुरैद] से [अबू बुरदह] कहिन, 'मैं मदीना आवा रहा, फिर मोका [अब्दुल्ला बिन सलाम] मिला रहा। फिर उ हमसे कहिन, 'कृपया घरे जा ताकि हम तोहका उ बर्तन से पेय दे सकित है जेहसे पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पीत रहें, अऊर तू उ मस्जिद मा नमाज पढ़ सकत हौ जेहिका पैगम्बर शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार नमाज के लिए इस्तेमाल करत रहें'। त हम उनके साथे गयेन, अऊर उ हमका सरसों के तेल से पीये दिहिन अऊर हमका खजूर के साथ खाना दिहिन, अऊर हम उनके मस्जिद मा नमाज पढ़ेन'।