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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Kebiasaan Rasulullah SAW singgah tiga malam di tempat persinggahan perang pasca kemenangan atas musuh

Imam Bukhari : 3679

حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ سَمِعَ رَوْحَ بْنَ عُبَادَةَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ قَالَ ذَكَرَ لَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ عَنْ أَبِي طَلْحَةَ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَ يَوْمَ بَدْرٍ بِأَرْبَعَةٍ وَعِشْرِينَ رَجُلًا مِنْ صَنَادِيدِ قُرَيْشٍ فَقُذِفُوا فِي طَوِيٍّ مِنْ أَطْوَاءِ بَدْرٍ خَبِيثٍ مُخْبِثٍ وَكَانَ إِذَا ظَهَرَ عَلَى قَوْمٍ أَقَامَ بِالْعَرْصَةِ ثَلَاثَ لَيَالٍ فَلَمَّا كَانَ بِبَدْرٍ الْيَوْمَ الثَّالِثَ أَمَرَ بِرَاحِلَتِهِ فَشُدَّ عَلَيْهَا رَحْلُهَا ثُمَّ مَشَى وَاتَّبَعَهُ أَصْحَابُهُ وَقَالُوا مَا نُرَى يَنْطَلِقُ إِلَّا لِبَعْضِ حَاجَتِهِ حَتَّى قَامَ عَلَى شَفَةِ الرَّكِيِّ فَجَعَلَ يُنَادِيهِمْ بِأَسْمَائِهِمْ وَأَسْمَاءِ آبَائِهِمْ يَا فُلَانُ بْنَ فُلَانٍ وَيَا فُلَانُ بْنَ فُلَانٍ أَيَسُرُّكُمْ أَنَّكُمْ أَطَعْتُمْ اللَّهَ وَرَسُولَهُ فَإِنَّا قَدْ وَجَدْنَا مَا وَعَدَنَا رَبُّنَا حَقًّا فَهَلْ وَجَدْتُمْ مَا وَعَدَ رَبُّكُمْ حَقًّا قَالَ فَقَالَ عُمَرُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا تُكَلِّمُ مِنْ أَجْسَادٍ لَا أَرْوَاحَ لَهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ مَا أَنْتُمْ بِأَسْمَعَ لِمَا أَقُولُ مِنْهُمْ قَالَ قَتَادَةُ أَحْيَاهُمْ اللَّهُ حَتَّى أَسْمَعَهُمْ قَوْلَهُ تَوْبِيخًا وَتَصْغِيرًا وَنَقِيمَةً وَحَسْرَةً وَنَدَمًا

मोका [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद] बताइस है कि उ सुनिस है [रौह बिन उबदह] हमसे कहिस है [सैद बिन अबू उर्वाह] से [कतादाह] कहिन; [अनुस बिन मलिक] हमका [अबू तल्हा] के बारे मा बताइन कि बदर के लड़ाई मा पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने बदर के गड्ढन के बीच चौबीस कुरैश गणमान्य लोगन के लाश का एक गड्ढा मा फेंकै का आदेश दिहिन - चट्टानन से बना कुआँ - जवन बहुत भद्दा अऊर घिनौना रहा। अगर ऊ कउनौ जनता के खिलाफ जीत जात है, तौ ऊ तीन दिन तक अपने पड़ाव पर रहत है। जब बदर के लड़ाई तीसरे दिन मा प्रवेश किहिस, तौ उ आपन सवारी जानवर तैयार करै अऊर ओकर काठी बांधै का आदेश दिहिस, फिर उ अपने साथियन के साथे चल दिहिस। साथियन कहिन; 'हमका ई कभी नाहीं देखावा गा रहा कि उ एक जरूरत के अलावा छोड़ दिहिन'। जब तक उ कुँआ के किनारे पहुँचा तौ उ ओनका - कुरैश काफिरन का जेकर नरसंहार कीन गा रहा - ओनके नाम अऊर ओनके पिता के नाम से बोलाइस: 'ओ फलाना बिन फलाना, हे फलाना बिन फलाना। का तुम खुश रहेव अगर तुम अल्लाह अऊर ओकरे रसूल के बात मानत रहेव? सचमुच, हमका सही मायने मा उ मिला है जवन हमार रब्ब वादा किहिन रहैं। का तुमका उ भी मिला है जवन तुमरे भगवान द्वारा वादा कीन गा रहा सही ढंग से'। अबू तल्हा कहिन; तौ उमर कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, तुम ओन शरीरन से काहे बात करत हौ जेकर अब आत्मा नाहीं है?' त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने समझाया; 'उनके हाथन मा मोर आत्मा है, तुम ओनसे ज्यादा सुनय में सक्षम नाहीं हौ कि हम का कहित है'। कतादाह कहिन; 'अल्लाह ने ओनका इ हद तक पुनर्जीवित किहिन कि उइ उत्पीड़न, बदला, नुकसान अऊर पछतावा के रूप मा ओनके कहे का सुनिन'।

Hadith Corroboration :

Imam Bukhari : 2837, 3679
Imam Muslim : 1547