Imam Bukhari : 3621
حَدَّثَنِي مُحَمَّدٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ أَقْبَلَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْمَدِينَةِ وَهُوَ مُرْدِفٌ أَبَا بَكْرٍ وَأَبُو بَكْرٍ شَيْخٌ يُعْرَفُ وَنَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَابٌّ لَا يُعْرَفُ قَالَ فَيَلْقَى الرَّجُلُ أَبَا بَكْرٍ فَيَقُولُ يَا أَبَا بَكْرٍ مَنْ هَذَا الرَّجُلُ الَّذِي بَيْنَ يَدَيْكَ فَيَقُولُ هَذَا الرَّجُلُ يَهْدِينِي السَّبِيلَ قَالَ فَيَحْسِبُ الْحَاسِبُ أَنَّهُ إِنَّمَا يَعْنِي الطَّرِيقَ وَإِنَّمَا يَعْنِي سَبِيلَ الْخَيْرِ فَالْتَفَتَ أَبُو بَكْرٍ فَإِذَا هُوَ بِفَارِسٍ قَدْ لَحِقَهُمْ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَذَا فَارِسٌ قَدْ لَحِقَ بِنَا فَالْتَفَتَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ اللَّهُمَّ اصْرَعْهُ فَصَرَعَهُ الْفَرَسُ ثُمَّ قَامَتْ تُحَمْحِمُ فَقَالَ يَا نَبِيَّ اللَّهِ مُرْنِي بِمَا شِئْتَ قَالَ فَقِفْ مَكَانَكَ لَا تَتْرُكَنَّ أَحَدًا يَلْحَقُ بِنَا قَالَ فَكَانَ أَوَّلَ النَّهَارِ جَاهِدًا عَلَى نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ آخِرَ النَّهَارِ مَسْلَحَةً لَهُ فَنَزَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَانِبَ الْحَرَّةِ ثُمَّ بَعَثَ إِلَى الْأَنْصَارِ فَجَاءُوا إِلَى نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَبِي بَكْرٍ فَسَلَّمُوا عَلَيْهِمَا وَقَالُوا ارْكَبَا آمِنَيْنِ مُطَاعَيْنِ فَرَكِبَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَبُو بَكْرٍ وَحَفُّوا دُونَهُمَا بِالسِّلَاحِ فَقِيلَ فِي الْمَدِينَةِ جَاءَ نَبِيُّ اللَّهِ جَاءَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَشْرَفُوا يَنْظُرُونَ وَيَقُولُونَ جَاءَ نَبِيُّ اللَّهِ جَاءَ نَبِيُّ اللَّهِ فَأَقْبَلَ يَسِيرُ حَتَّى نَزَلَ جَانِبَ دَارِ أَبِي أَيُّوبَ فَإِنَّهُ لَيُحَدِّثُ أَهْلَهُ إِذْ سَمِعَ بِهِ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ وَهُوَ فِي نَخْلٍ لِأَهْلِهِ يَخْتَرِفُ لَهُمْ فَعَجِلَ أَنْ يَضَعَ الَّذِي يَخْتَرِفُ لَهُمْ فِيهَا فَجَاءَ وَهِيَ مَعَهُ فَسَمِعَ مِنْ نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ رَجَعَ إِلَى أَهْلِهِ فَقَالَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيُّ بُيُوتِ أَهْلِنَا أَقْرَبُ فَقَالَ أَبُو أَيُّوبَ أَنَا يَا نَبِيَّ اللَّهِ هَذِهِ دَارِي وَهَذَا بَابِي قَالَ فَانْطَلِقْ فَهَيِّئْ لَنَا مَقِيلًا قَالَ قُومَا عَلَى بَرَكَةِ اللَّهِ فَلَمَّا جَاءَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَاءَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ فَقَالَ أَشْهَدُ أَنَّكَ رَسُولُ اللَّهِ وَأَنَّكَ جِئْتَ بِحَقٍّ وَقَدْ عَلِمَتْ يَهُودُ أَنِّي سَيِّدُهُمْ وَابْنُ سَيِّدِهِمْ وَأَعْلَمُهُمْ وَابْنُ أَعْلَمِهِمْ فَادْعُهُمْ فَاسْأَلْهُمْ عَنِّي قَبْلَ أَنْ يَعْلَمُوا أَنِّي قَدْ أَسْلَمْتُ فَإِنَّهُمْ إِنْ يَعْلَمُوا أَنِّي قَدْ أَسْلَمْتُ قَالُوا فِيَّ مَا لَيْسَ فِيَّ فَأَرْسَلَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَقْبَلُوا فَدَخَلُوا عَلَيْهِ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا مَعْشَرَ الْيَهُودِ وَيْلَكُمْ اتَّقُوا اللَّهَ فَوَاللَّهِ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ إِنَّكُمْ لَتَعْلَمُونَ أَنِّي رَسُولُ اللَّهِ حَقًّا وَأَنِّي جِئْتُكُمْ بِحَقٍّ فَأَسْلِمُوا قَالُوا مَا نَعْلَمُهُ قَالُوا لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَهَا ثَلَاثَ مِرَارٍ قَالَ فَأَيُّ رَجُلٍ فِيكُمْ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ قَالُوا ذَاكَ سَيِّدُنَا وَابْنُ سَيِّدِنَا وَأَعْلَمُنَا وَابْنُ أَعْلَمِنَا قَالَ أَفَرَأَيْتُمْ إِنْ أَسْلَمَ قَالُوا حَاشَى لِلَّهِ مَا كَانَ لِيُسْلِمَ قَالَ أَفَرَأَيْتُمْ إِنْ أَسْلَمَ قَالُوا حَاشَى لِلَّهِ مَا كَانَ لِيُسْلِمَ قَالَ أَفَرَأَيْتُمْ إِنْ أَسْلَمَ قَالُوا حَاشَى لِلَّهِ مَا كَانَ لِيُسْلِمَ قَالَ يَا ابْنَ سَلَامٍ اخْرُجْ عَلَيْهِمْ فَخَرَجَ فَقَالَ يَا مَعْشَرَ الْيَهُودِ اتَّقُوا اللَّهَ فَوَاللَّهِ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ إِنَّكُمْ لَتَعْلَمُونَ أَنَّهُ رَسُولُ اللَّهِ وَأَنَّهُ جَاءَ بِحَقٍّ فَقَالُوا كَذَبْتَ فَأَخْرَجَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमका बतावा है [मुहम्मद] हमसे कहिस है ['अब्दुश शमाद] हमसे कहिस है [मेरे पिता] हमसे कहिस है [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] हमसे कहिस है [अनस बिन मलिक] रदलियाअल्लाहू अन्हू ने कहा; अल्लाह के पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अबू बकर के पीठ पर मदीना पहुंचे। अबू बकर एक बूढ़ अऊर जाने-माने व्यक्ति रहे, जबकि पैगम्बर अल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अबहीं जवान अऊर अनजान रहे। अनस रदियाल्लाहु 'अन्हु कहिन; तो एक आदमी अबू बकर के पास आया और बोला; 'हे अबू बकर ये आदमी कौन है तुम्हारे सामने?'। अबू बकर ने जवाब दिया; 'वही है जे मोका रास्ता देखाइस है'। व्यक्ति का संदेह रहा कि अबू बकर का मतलब मार्ग का गाइड रहा। वास्तव मा, सच्चाई अच्छाई का मार्ग है -इस्लाम-। फिर अबू बकर मुड़े, अचानक एक घुड़सवार ओनका पकड़ लिहिस। अबू बकर कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, हमरे पीछे एक घुड़सवार आवत है'। त अल्लाह के पैगम्बर मुड़े अऊर कहिन: 'हे अल्लाह, ओका जमीन पर फेंक दे'। तौ मनई का ओकरे घोड़ा से फेंक दीन गा रहा। तब घोड़ा कूकत-कूदत खड़ा होइगा। ऊ मनई कहिस; 'हे अल्लाह के पैगम्बर, तुम जवन चाहौ, हमका हुकुम दे'। उ कहिन; 'जहाँ हौ वहीं रहौ, अऊर केहू का हमसे आगे न निकलै दौ'। अनस रदियाल्लाहु 'अन्हु कहिन; तौ ऊ आदमी अल्लाह के पैगम्बर के रक्षा करै के लिए दिन के शुरुआत मा लड़ा अऊर दिन के अंत मा ऊ ओकरे लिए ढाल बन गवा'। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर्राह के बगल मा रुके, फिर अंसार के पास एक दूत भेजिन। तौ उइ पैगम्बर अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अऊर अबू बकर से मिले आए, उइ दुइनौ का नमस्कार किहिन। उइ कहिन; 'तुम दुइनौ सुरक्षित रूप से चलौ अऊर आज्ञा मानौ'। त अल्लाह के पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अऊर अबू बकर अपने घोड़न पर सवार होइके दुइनौ का हथियारबंद घेर लिहिन। इधर मदीना मा खबर फैल गै रही कि पैगम्बर अल्लाह आ गए हैं, पैगम्बर अल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आए हैं। देखै के ताईं ऊँच चढ़ि गए, अऊर चिल्लाए; 'अल्लाह का नबी आ गया, अल्लाह का नबी आ गया'। ऊ तब तक चलत रहा जब तक कि ऊ अबू अय्यूब के घर के बगल मा रुका। दरअसल जब उ अपने परिवार के बारे मा बतावत रहें तौ अब्दुल्ला बिन सलाम उनका सुनिन। ऊ समय ऊ अपने परिवार के खजूर के बगीचा मा उनके लिए फल तोड़ै के लिए रहा। तौ उ जल्दबाजी मा जवन उठाये रहे ओका नीचे रखै लाग, फिर अल्लाह के पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनै आवा, फिर अपने परिवार के पास लौटि गा। अल्लाह के पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: 'हमारे परिवार का सबसे नजदीक का घर कौन सा है?'... अबू अय्यूब ने जवाब दिया; 'मैं हौं, हे अल्लाह के पैगम्बर। ई हमार घर अऊर ई हमार दुआर है'। फिर उ कहिन: 'जा अऊर हमरे दुपहरिया के आराम के लिए एक जगह तैयार करा'। अबू अय्यूब कहिन; 'अल्लाह के आशीर्वाद से तुम दुइनौ खड़ा होइ जाओ'। जब नबीयूल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पहुंचे, अब्दुल्लाह बिन सलाम पहुंचे, तो पूछा; 'मैं गवाह हउँ कि तुम अल्लाह के दूत हौ अऊर तुम सच्चाई के साथे आए हौ। वाकई यहूदी जानत हैं कि मैं ओनके नेता अऊर ओनके नेता के बेटवा, ओनके धर्मनिष्ठ व्यक्ति अऊर ओनके धर्मनिष्ठ लोगन के बेटवा हई। ओनका फोन करा अऊर ओनसे मोर बारे मा पूछा, ईसे पहिले कि ओनका पता चलै कि हम इस्लाम धर्म अपनाये हई। काहे से, अगर ओनका पता चलत है कि हम इस्लाम धर्म अपनाये हई, तौ उई हमरे बारे मा झूठ बोलिहैं जवन हमरे लिए मौजूद नाहीं है'। तो पैगम्बर अल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनके पास एक दूत भेजा, वे आए और उनसे मिले। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: 'हे यहूदी, आपके लिए दुर्भाग्य। अल्लाह से डरा। अल्लाह के कसम, ओनके अलावा पूजा के लायक कौनो भगवान नाहीं है, आप सचमुच जानत हई कि मैं अल्लाह के सच्चा रसूल हई अऊर मैं आपके पास सच्चाई के साथ आवा हई। त अंदर आवा, तुम लोग इस्लाम के प्रति'। उइ कहिन; 'हमका पता नाहीं रहा'। उ लोग पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से तीन बार कहिन। ऊ पूछिस; 'आपके बीच अब्दुल्ला बिन सलाम कौन है?'. उइ जवाब दिहिन; 'अरे ऊ हमार नेता अउ हमारे नेता के लरिका, हमार अलीम औ हमार अलीम के लरिका है।' उ पूछिन: 'अगर उ इस्लाम धर्म अपनावत तौ आप का सोचत'। उइ कहिन; 'पवित्र परमेश्वर सर्वशक्तिमान। उ संभवतः इस्लाम धर्म अपनावै नाहीं। उ फिर से पूछिन: 'अगर उ इस्लाम धर्म अपनावत तौ आप का सोचत'। उइ फिर कहिन; 'पवित्र परमेश्वर सर्वशक्तिमान। उ संभवतः इस्लाम धर्म अपनावै नाहीं। उ फिर से पूछिन: 'अगर उ सचमुच इस्लाम धर्म अपनावत तौ आप का सोचत'। उई कहत रहत हैं; 'पवित्र परमेश्वर सर्वशक्तिमान। उ संभवतः इस्लाम धर्म अपनावै नाहीं। उ कहिन: 'हे इब्न सलाम, ओनसे मिले खातिर बाहर आवा'। त अब्दुल्ला बिन सलाम बाहर आके कहिन; 'हे यहूदी, अल्लाह से डरा। अल्लाह कसम, उनके अलावा पूजा के लायक कोई भगवान नहीं है। दरअसल, आप पहिले से जानत हई कि उ अल्लाह के रसूल हैं अऊर उ सच्चाई के साथ आए रहे'। त उई कहिन; 'तुम झूठ बोलत हौ'। तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनका बाहर निकाल दिहिन।