Imam Bukhari : 3556
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا مَهْدِيٌّ قَالَ غَيْلَانُ بْنُ جَرِيرٍ كُنَّا نَأْتِي أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ فَيُحَدِّثُنَا عَنْ الْأَنْصَارِ وَكَانَ يَقُولُ لِي فَعَلَ قَوْمُكَ كَذَا وَكَذَا يَوْمَ كَذَا وَكَذَا وَفَعَلَ قَوْمُكَ كَذَا وَكَذَا يَوْمَ كَذَا وَكَذَا
हमसे कहिन [अबू अन नुमान] हमसे [महदी] कहिन हैं, [घैलन बिन जरीर] कहिन; हम एक बार [अनस बिन मलिक] के पास गये रहेन अऊर उ हमका अंसार के बारे मा बताइन। उ समय उ मोसे कहिन; तुम्हार लोग आज अऊर आज ई अऊर ई करत हैं, तुम्हार लोग आज अऊर आज ई अऊर ई करत हैं।