Amr bin Luhay, penarik punggung ke neraka karena peribadatan jahiliyah
Imam Bukhari : 4258
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي يَعْقُوبَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ الْكَرْمَانِيُّ حَدَّثَنَا حَسَّانُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا يُونُسُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُرْوَةَ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَيْتُ جَهَنَّمَ يَحْطِمُ بَعْضُهَا بَعْضًا وَرَأَيْتُ عَمْرًا يَجُرُّ قُصْبَهُ وَهْوَ أَوَّلُ مَنْ سَيَّبَ السَّوَائِبَ
हमसे [मुहम्मद बिन अबू याकूब अबू अब्दुल्लाह अल कर्मनी] हमसे [हसन बिन इब्राहिम] [अज जुहरी] से [उर्वाह] से [यूनुस] से कहिन है कि [ऐस्याह रदलियाहु अन्हू] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मैंने जहांनाम के निवासियन का देखा, उनमें से कुछ एक दूसरे का तोड़त रहे - कुचलत रहे - कुछ दूसरन का अऊर मैंने अमरू बिन अमीर अल खुजाई का नरक मा अपनी आंत घसीटत देखा'। उ ऊँट साईबा बनावै वाले पहिला मनई रहे।