Imam Bukhari : 3348
حَدَّثَنَا أَبُو مَعْمَرٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ كَانَ رَجُلٌ نَصْرَانِيًّا فَأَسْلَمَ وَقَرَأَ الْبَقَرَةَ وَآلَ عِمْرَانَ فَكَانَ يَكْتُبُ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَعَادَ نَصْرَانِيًّا فَكَانَ يَقُولُ مَا يَدْرِي مُحَمَّدٌ إِلَّا مَا كَتَبْتُ لَهُ فَأَمَاتَهُ اللَّهُ فَدَفَنُوهُ فَأَصْبَحَ وَقَدْ لَفَظَتْهُ الْأَرْضُ فَقَالُوا هَذَا فِعْلُ مُحَمَّدٍ وَأَصْحَابِهِ لَمَّا هَرَبَ مِنْهُمْ نَبَشُوا عَنْ صَاحِبِنَا فَأَلْقَوْهُ فَحَفَرُوا لَهُ فَأَعْمَقُوا فَأَصْبَحَ وَقَدْ لَفَظَتْهُ الْأَرْضُ فَقَالُوا هَذَا فِعْلُ مُحَمَّدٍ وَأَصْحَابِهِ نَبَشُوا عَنْ صَاحِبِنَا لَمَّا هَرَبَ مِنْهُمْ فَأَلْقَوْهُ فَحَفَرُوا لَهُ وَأَعْمَقُوا لَهُ فِي الْأَرْضِ مَا اسْتَطَاعُوا فَأَصْبَحَ وَقَدْ لَفَظَتْهُ الْأَرْضُ فَعَلِمُوا أَنَّهُ لَيْسَ مِنْ النَّاسِ فَأَلْقَوْهُ
हमसे कहिन [अबू मामर] हमसे कहिन हैं [अब्दुल वारित्स] हमसे कहिन हैं [अब्दुल अजीज] [अनस रदलियाल्लाहु अन्हू] से कहिन, एक ईसाई आदमी रहा जे इस्लाम धर्म अपनाइस अऊर सूरा अल बकराह अऊर आलू इमरान पढ़िस। उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए लिखत रहें। लेकिन फिर उ ईसाई धर्म मा लौटि आए अऊर कहिन; 'मुहम्मद का कुछौ पता नाहीं रहा, सिवाय वहिके कि हम ओनका लिखे रहेन'। फिर अल्लाह ओका मौत दिहिस अऊर उइ - ओकर दोस्त - ओका दफना दिहिन। दूसरे दिन, ओकर शरीर धरती से ऊपर फेंक दीन गा रहा, यहिसे ओकर दोस्त कहिन; 'यह मुहम्मद और उनके दोस्तों का काम है काहे से कि हमार मित्र उनके धर्म से मुँह फेर लिहिन, फिर उनके कब्र खोल के फेंक दिहिन'। यहिसे दुबारा गाड़ दिहिन अउर गड्ढा अउर गहरा खोदिन। लेकिन अगले दिन, ओकर शरीर फिर से धरती से थूक दिहिस, एहसे ओकर दोस्त कहिन; 'ई मुहम्मद और उनके दोस्तन का काम है काहे से कि हमार दोस्त उनके धर्म से मुँह फेर लिहिन, फिर हमरे दोस्त के कब्र खोल के फेंक दिहिन'। यहिसे उइ ओका फिर से गाड़िन अऊर गड्ढा का जेतना गहरा खोद सकत रहें, खोदिन। हालांकि, अगले दिन ओकर शरीर फिर से धरती से उल्टी होइ गवा जब तक कि ओनका एहसास नाइ भवा कि ई घटना मानवीय कार्रवाई नाहीं रही अऊर अंत मा उइ ओका बस फेंक दिहिन।