Imam Bukhari : 3332
وَعَنْ الزُّهْرِيِّ حَدَّثَتْنِي هِنْدُ بِنْتُ الْحَارِثِ أَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ قَالَتْ اسْتَيْقَظَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ مَاذَا أُنْزِلَ مِنْ الْخَزَائِنِ وَمَاذَا أُنْزِلَ مِنْ الْفِتَنِ
अऊर [अज जुहरी] ने मोसे [हिंद बिन्त अल हरिथ] बतावा कि [उम्मू सलामा] कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जाग गए और बोले: 'सुभानल्लाह - महिमा अल्लाह का -, धन के खजाने - दुनिया के खजाने - का का होइ गवा है अऊर बदनामी का का होइ गवा है'। सुभानल्लाह - महिमा अल्लाह कि -, खजाना या धन - रोमन और फारसी - और कौन सा प्रकट होगा ? अउर कौन बदनामी प्रकट होई?'।