Imam Bukhari : 4245
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ سَلَامٍ أَخْبَرَنَا الْفَزَارِيُّ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكَسَرَتْ الرُّبَيِّعُ وَهْيَ عَمَّةُ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ثَنِيَّةَ جَارِيَةٍ مِنْ الْأَنْصَارِ فَطَلَبَ الْقَوْمُ الْقِصَاصَ فَأَتَوْا النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْقِصَاصِ فَقَالَ أَنَسُ بْنُ النَّضْرِ عَمُّ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ لَا وَاللَّهِ لَا تُكْسَرُ سِنُّهَا يَا رَسُولَ اللَّهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا أَنَسُ كِتَابُ اللَّهِ الْقِصَاصُ فَرَضِيَ الْقَوْمُ وَقَبِلُوا الْأَرْشَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ مِنْ عِبَادِ اللَّهِ مَنْ لَوْ أَقْسَمَ عَلَى اللَّهِ لَأَبَرَّهُ
हमसे [मुहम्मद बिन सलाम] हमका [अल फजारी] से [हुमैद] से [अनस रदलियाअल्लाहु अन्हू] से कहिन है, उ कहिन; रुबैयी' - अनस बिन मलिक के चाची - एक बार एक अंसार गुलाम के चीरा तोड़ दिहिन। तब उनके लोग पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास जाकर किशा माँगे। तौ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओनका क़िशाश करै का हुकुम दिहिन। अनस बिन मुदलर - अनस बिन मलिक के मामा - कहिन; नही अल्लाह के खातिर इनके दाँत मत फोड़े या रसूल अल्लाह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे अनस, अल्लाह कि किताब किशाश है'। लेकिन फिर उनके लोग हार मान लिहिन अऊर जुर्माना स्वीकार किहिन। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव में अल्लाह के सेवकन में कोई ऐसा है जो अगर अल्लाह के नाम पर कसम खाता है तो अल्लाह उसे दे देगा'।