Imam Bukhari : 4243
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ مُخَارِقٍ عَنْ طَارِقِ بْنِ شِهَابٍ سَمِعْتُ ابْنَ مَسْعُودٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ شَهِدْتُ مِنْ الْمِقْدَادِ ح و حَدَّثَنِي حَمْدَانُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا أَبُو النَّضْرِ حَدَّثَنَا الْأَشْجَعِيُّ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ مُخَارِقٍ عَنْ طَارِقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ الْمِقْدَادُ يَوْمَ بَدْرٍ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا لَا نَقُولُ لَكَ كَمَا قَالَتْ بَنُو إِسْرَائِيلَ لِمُوسَى{ فَاذْهَبْ أَنْتَ وَرَبُّكَ فَقَاتِلَا إِنَّا هَا هُنَا قَاعِدُونَ }وَلَكِنْ امْضِ وَنَحْنُ مَعَكَ فَكَأَنَّهُ سُرِّيَ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَوَرَوَاهُ وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ مُخَارِقٍ عَنْ طَارِقٍ أَنَّ الْمِقْدَادَ قَالَ ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे [अबू नुएम] हमसे [इजरायल] से [मुखरिक] से [थारिक बिन शिहाब] से कहिस है; हम [इब्न मसूद रदलियाल्लाहु अन्हू] का कहत सुने रहेन; हम मिकदाद से देखेन। इसी तरह ई एक अउर मार्ग से बयान कीन गा है, ई हमका [हमदान बिन उमर] बतावा गा है ई हमका [अबू अन नदलर] बतावा गा है ई हमका [अल अस्यजाई] से [सुफयान] से [मुखरिक] से [थारिक] से [अब्दुल्ला] से बतावा गा है उ कहिन; बदर युद्ध के समय मिकदाद ने कहा; 'हे अल्लाह के रसूल, हम वइसन नाहीं कहत हन जइसे इजरायल के वंशज मूसा से कहिन; फडझब अन्ता वा रब्बुका फकोतिला इन्ना हाहुना क़ा'इदुन -लड़े के लिए अपने भगवान के साथ जाओ, जबकि हम बस यहाँ बैठे हैं-। लेकिन हम कहित है; जा अऊर हम तोहरे साथे आबै। हालांकि, ई अइसे रहा जइसे मिकदाद के बात रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से छुपी रही। अऊर ई [वाकी'] द्वारा [सुफियान] से [मुखारिक] से [थारिक] से भी रिवायित कीन गा रहा कि मिकदाद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ई बात कहिन।