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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 5585

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ قُدَامَةَ الْعَامِرِيِّ أَنَّ جَسْرَةَ بِنْتَ دَجَاجَةَ الْعَامِرِيَّةَ حَدَّثَتْهُ قَالَتْ سَمِعْتُ عَائِشَةَ سَأَلَهَا أُنَاسٌ كُلُّهُمْ يَسْأَلُ عَنْ النَّبِيذِ يَقُولُ نَنْبِذُ التَّمْرَ غُدْوَةً وَنَشْرَبُهُ عَشِيًّا وَنَنْبِذُهُ عَشِيًّا وَنَشْرَبُهُ غُدْوَةً قَالَتْ لَا أُحِلُّ مُسْكِرًا وَإِنْ كَانَ خُبْزًا وَإِنْ كَانَتْ مَاءً قَالَتْهَا ثَلَاثَ مَرَّاتٍ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [कुदामह अल अमीरी] से सूचित किहिन है कि [जसराह बिंत दजाजह अल अमीरी] ने उनसे कहा, उ कहिन, 'मैंने ['ऐस्याह] से बहुत लोगन द्वारा पूछा जात सुना है, उ सब उनसे पैगम्बर के भावनाओं के बारे में पूछिन। बोले हम सुबेरे खजूर का रस बना के शाम को पियत हैं और शाम को जूस बना के सबेरे पियत हैं? 'आइशा ने जवाब दिया, 'मैं हिम्मत नाहीं करत हउँ कि भले ही उ रोटी होय, भले ही उ पानी होय, कुछौ मादक चीजन का अनुमति देब'। उ ई हदीस का तीन बार दोहराइन।