Imam Bukhari : 4241
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ حَتَّى إِذَا كُنَّا بِالْبَيْدَاءِ أَوْ بِذَاتِ الْجَيْشِ انْقَطَعَ عِقْدٌ لِي فَأَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْتِمَاسِهِ وَأَقَامَ النَّاسُ مَعَهُ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَأَتَى النَّاسُ إِلَى أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ فَقَالُوا أَلَا تَرَى مَا صَنَعَتْ عَائِشَةُ أَقَامَتْ بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبِالنَّاسِ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَجَاءَ أَبُو بَكْرٍ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاضِعٌ رَأْسَهُ عَلَى فَخِذِي قَدْ نَامَ فَقَالَ حَبَسْتِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسَ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ قَالَتْ عَائِشَةُ فَعَاتَبَنِي أَبُو بَكْرٍ وَقَالَ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَقُولَ وَجَعَلَ يَطْعُنُنِي بِيَدِهِ فِي خَاصِرَتِي وَلَا يَمْنَعُنِي مِنْ التَّحَرُّكِ إِلَّا مَكَانُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى فَخِذِي فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى أَصْبَحَ عَلَى غَيْرِ مَاءٍ فَأَنْزَلَ اللَّهُ آيَةَ التَّيَمُّمِ فَتَيَمَّمُوا فَقَالَ أُسَيْدُ بْنُ حُضَيْرٍ مَا هِيَ بِأَوَّلِ بَرَكَتِكُمْ يَا آلَ أَبِي بَكْرٍ قَالَتْ فَبَعَثْنَا الْبَعِيرَ الَّذِي كُنْتُ عَلَيْهِ فَإِذَا الْعِقْدُ تَحْتَهُ
हमसे [इस्माइल] बताय के उ कहिन; मोका [मलिक] से ['अब्दुर रहमान बिन अल कासिम] से [अपने पिता] से [ऐस्या रदलियाह अन्हा] पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी कहिन; 'हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम के साथे उनके यात्रा के एक हिस्सा मा रहेन, अऊर जब हम अल बैदा - या ज़ातुलजैसी मा पहुँचेन - तौ हमार हार खो गा रहा, यहिसे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम ओका खोजै खातिर रुके अऊर उनके दोस्त भी उनके साथे चले गें। इनके पास पानी नहीं है और ना ही रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम है। साथी अबू बकर रदलियाल्लहुअन्हू के पास आए और बोले, 'तुमने नहीं देखा कि ऐसिया ने क्या किया ?! उ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम अऊर उनके साथियन का रोकिन - हिरासत मा लिहिन, भले ही उ लोग पानी के जगह मा न रहे अऊर उनके पास पानी भी न रहे'। अबू बकर रदलियाल्लाहु अन्हू तब -मेरे पास- आए अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम लेट गें, आपन माथा मोर जांघ पर रखिन अऊर उ सो गें। उन्होंने कहा, 'तुमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम और इंसानों को एक ऐसी जगह हिरासत में रखा जहाँ पानी नहीं था और उनके पास भी पानी नहीं था?' आयशा ने कहा, 'अबू बकर ने मेरी आलोचना की और उन्होंने कहा कि जैसा अल्लाह ने कहा और उन्होंने अपने हाथ को मेरी तरफ दबाया। रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलीही वसल्लम के स्थिति के अलावा कुछौ नाहीं है जवन मोरे जांघ पर है! रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलीही वसल्लम सुबह तक सो गए, बिना पानी के। तब अल्लाह अज्जा व जल्ला ने तैमम आयत का उतार दिया, तो उन्होंने भी तैमम किया'। उसैद बिन हुधैर ने कहा; 'यह तुम्हारे परिवार का पहला आशीर्वाद नहीं है, हे अबू बकर के परिवार!' ऐसिया बोली- 'फिर ऊँट हम सवार रहेन जगायेन, पता चला हार ओकरे नीचे रहा।