Imam Nasa'i : 4884
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرٌ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ أَنَّ رَجُلًا مِنْ قَوْمِهِ حَدَّثَهُ عَنْ عَمٍّ لَهُ أَنَّ رَافِعَ بْنَ خَدِيجٍ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا قَطْعَ فِي ثَمَرٍ وَلَا كَثَرٍ
हमका ['अम्र बिन अली] उपदेश दिहिस है, उ कहिन; हमसे [बिसिर] बताइस है, उ कहिन; हमसे [यह्या बिन सैद] कहिन है कि [उनके लोगन मा से केहू] ओनका [अपने चाचा] से बताइस है कि [रफी' बिन खदीज] कहिन; 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना: "फल अऊर खजूर का हाथ से काटब नाहीं है।"