इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 4071

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو يَعْنِي ابْنَ دِينَارٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ مَالِكِ بْنِ أَوْسِ بْنِ الْحَدَثَانِ عَنْ عُمَرَ قَالَ كَانَتْ أَمْوَالُ بَنِي النَّضِيرِ مِمَّا أَفَاءَ اللَّهُ عَلَى رَسُولِهِ مِمَّا لَمْ يُوجِفْ الْمُسْلِمُونَ عَلَيْهِ بِخَيْلٍ وَلَا رِكَابٍ فَكَانَ يُنْفِقُ عَلَى نَفْسِهِ مِنْهَا قُوتَ سَنَةٍ وَمَا بَقِيَ جَعَلَهُ فِي الْكُرَاعِ وَالسِّلَاحِ عُدَّةً فِي سَبِيلِ اللَّهِ

हमका ['उबैद बिन सैद] सूचित कइके, उ कहिन; हमका [सुफयान] से ['अम्र यानी इब्न दीनार] से [अज जुहरी] से [मलिक बिन औस बिन अल हदतसन] से [उमर] से कहिन है, उ कहिन; बनी नाधीर के धन ओनमा से रहा जवन अल्लाह अपने रसूल का मुसलमानन द्वारा घोड़ा अऊर ऊंट के उपयोग के बिना कुछ से दिहिस। उ एक साल तक भोजन के रूप मा ई धन से आपन गुजारा किहिन, अऊर बाकी उ अल्लाह के राह मा उपकरण के रूप मा घोड़न अऊर हथियारन का बांटिन।