Orang munafik berada di neraka paling bawah
Imam Bukhari : 4236
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ قَالَ حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ عَنْ الْأَسْوَدِ قَالَكُنَّا فِي حَلْقَةِ عَبْدِ اللَّهِ فَجَاءَ حُذَيْفَةُ حَتَّى قَامَ عَلَيْنَا فَسَلَّمَ ثُمَّ قَالَ لَقَدْ أُنْزِلَ النِّفَاقُ عَلَى قَوْمٍ خَيْرٍ مِنْكُمْ قَالَ الْأَسْوَدُ سُبْحَانَ اللَّهِ إِنَّ اللَّهَ يَقُولُ{ إِنَّ الْمُنَافِقِينَ فِي اَلدَّرْكِ الْأَسْفَلِ مِنْ النَّارِ }فَتَبَسَّمَ عَبْدُ اللَّهِ وَجَلَسَ حُذَيْفَةُ فِي نَاحِيَةِ الْمَسْجِدِ فَقَامَ عَبْدُ اللَّهِ فَتَفَرَّقَ أَصْحَابُهُ فَرَمَانِي بِالْحَصَا فَأَتَيْتُهُ فَقَالَ حُذَيْفَةُ عَجِبْتُ مِنْ ضَحِكِهِ وَقَدْ عَرَفَ مَا قُلْتُ لَقَدْ أُنْزِلَ النِّفَاقُ عَلَى قَوْمٍ كَانُوا خَيْرًا مِنْكُمْ ثُمَّ تَابُوا فَتَابَ اللَّهُ عَلَيْهِمْ
हमसे कहिन है [उमर बिन हफश] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] हमसे कहिन हैं [अल अमासी] उ कहिन; [अल असवाद] से मोका [इब्राहिम] बताय के बाद उ कहिन; हम एक बार अब्दुल्ला के मीटिंग मा रहेन, अचानक [हुदजैफा] आइन अऊर नमस्ते कहिन, फिर खड़ा होइके कहिन; 'वास्तव मा निफक का श्लोक आप सबके सर्वश्रेष्ठ पर प्रकट होइगा है। अल असवाद कहिन; 'अल्लाह का महिमा, सचमुच अल्लाह कहत है: 'सचमुच, पाखंडी नरक के सबसे निचले गहराई मा होइहैं। तौ अब्दुल्ला मुस्कुराइन अऊर हुजैफा मस्जिद के कोने मा बैठि गें। अचानक अब्दुल्ला खड़ा होइगा, जब ओकर दोस्त चले गें। फिर उ मोरे ऊपर छोट-छोट कंकड़ फेंकिन। यहिसे हम उनके पास गयेन। हुजइफा कहिन; मैं उनके हँसी से हैरान रहि गय, उ सचमुच जानत रहें कि मैं निफाक के आयत के बारे मा का कहत रहौं कि आप सबके सबसे अच्छा लोगन पर उतार दीन गा है, फिर उइ पश्चाताप किहिन अऊर अल्लाह ओनके पश्चाताप का स्वीकार कर लिहिन'।