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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Nasa'i : 3863

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ قَالَ حَدَّثَنَا حَبَّانُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ لَيْثٍ قَالَ حَدَّثَنِي بُكَيْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَشَجِّ عَنْ أُسَيْدِ بْنِ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ أَنَّ أَخَا رَافِعٍ قَالَ لِقَوْمِهِ قَدْ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْيَوْمَ عَنْ شَيْءٍ كَانَ لَكُمْ رَافِقًا وَأَمْرُهُ طَاعَةٌ وَخَيْرٌ نَهَى عَنْ الْحَقْلِ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन हातिम] हमसे कहिन हैं [हब्बान] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्ला बिन अल मुबारक] [लैट्स] से [उसैद बिन रफी' बिन खदीज] से [बुकैर बिन अब्दुल्लाह बिन अल अस्याज] से कहिन है कि [भाई रफी'] ने अपने लोगन से कहा; 'वास्तव मा, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने ई दिन का कुछ अइसन चीज से मना किहिन है जवन पहिले आपके साथ रहा अऊर ओकर आज्ञा आज्ञाकारिता अऊर दयालुता है। उ मुहकालाह का मना किहिन'।