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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4232

حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ عَنْ يَحْيَى عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَبَيْنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي الْعِشَاءَ إِذْ قَالَ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ ثُمَّ قَالَ قَبْلَ أَنْ يَسْجُدَ اللَّهُمَّ نَجِّ عَيَّاشَ بْنَ أَبِي رَبِيعَةَ اللَّهُمَّ نَجِّ سَلَمَةَ بْنَ هِشَامٍ اللَّهُمَّ نَجِّ الْوَلِيدَ بْنَ الْوَلِيدِ اللَّهُمَّ نَجِّ الْمُسْتَضْعَفِينَ مِنْ الْمُؤْمِنِينَ اللَّهُمَّ اشْدُدْ وَطْأَتَكَ عَلَى مُضَرَ اللَّهُمَّ اجْعَلْهَا سِنِينَ كَسِنِي يُوسُفَ

हमसे कहिन है [अबू नुएम] हमका [स्याबान] से [यह्या] से [अबू सलामा] से [अबू हुरैरा रदलियाल्लाहु अनहू] से कहिन हैं; जब पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ईशा नमाज पढ़ी, जब उन्होंने यह कहना समाप्त किया, 'समीअल्लाहु लिमान हमीदा -अल्लाह उन सबके लिए सर्वसुनने वाला है जो उनकी स्तुति करत हैं-। फिर उ एक प्रार्थना किहिन - सजदा करै से पहिले खड़ा होइके -, 'हे अल्लाह, अय्यासी बिन अबू रबिया, सलामा बिन हिशाम, अल वलिद बिन अल वलिद के साथ-साथ मोमिनन मा से कमजोर लोगन का भी बचाओ। हे अल्लाह, बानी मुधर पर आपन यातना दे अऊर ओनके सालन का यूसुफ के सालन के तरह बनावा - दुख, अकाल, सूखा से भरा -अनुवादक-'।