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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4230

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ حَدَّثَنَا حَيْوَةُ وَغَيْرُهُ قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَبُو الْأَسْوَدِ قَالَ قُطِعَ عَلَى أَهْلِ الْمَدِينَةِ بَعْثٌ فَاكْتُتِبْتُ فِيهِ فَلَقِيتُ عِكْرِمَةَ مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ فَأَخْبَرْتُهُ فَنَهَانِي عَنْ ذَلِكَ أَشَدَّ النَّهْيِ ثُمَّ قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ عَبَّاسٍأَنَّ نَاسًا مِنْ الْمُسْلِمِينَ كَانُوا مَعَ الْمُشْرِكِينَ يُكَثِّرُونَ سَوَادَ الْمُشْرِكِينَ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْتِي السَّهْمُ فَيُرْمَى بِهِ فَيُصِيبُ أَحَدَهُمْ فَيَقْتُلُهُ أَوْ يُضْرَبُ فَيُقْتَلُ فَأَنْزَلَ اللَّهُ{ إِنَّ الَّذِينَ تَوَفَّاهُمْ الْمَلَائِكَةُ ظَالِمِي أَنْفُسِهِمْ }الْآيَةَرَوَاهُ اللَّيْثُ عَنْ أَبِي الْأَسْوَدِ

हमसे [अब्दुल्ला बिन यजीद अल मुकरी] हमसे [हैवाह] अऊर दूसरन से कहिन है, दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अब्दुर रहमान अबू अल असवाद] कहिन; ऊ कहत है; कूफा के लोगन का सीरिया के लोगन के खिलाफ आपन सैनिक भेजै का मजबूर कीन गा रहा अऊर हमका ओनके नेतृत्व करै का आदेश मिला रहा। फिर हम [इकरिमा] से मिलेन - इब्न अब्बास के एक पूर्व गुलाम, यहिसे हम ओनका ई बारे मा बतायेन, लेकिन उ हमका अइसन करै से कड़ाई से मना किहिन। उ कहिन; मोका [इब्नू अब्बास] बतावा गा है कि मुसलमानन के संख्या बढ़ावै के लिए कईयो मुसलमान मुशरिकिन के साथे रहे हैं। फिर एक तीर आवा अऊर तब तक छोड़ा गा जब तक कि उ ओनमा से एक - मुसलमान जे मुशर्कियन मा से रहे - नाइ लाग अऊर ओका मार डारिस या तब तक काट दीन गा जब तक कि उ मारा नाहीं गा। फिर ई श्लोक उतरा: 'सचमुच, जेनका स्वर्गदूत मारे रहे, उ खुदै अन्याय करै के स्थिति मा रहे। -अन निसा: 97-। [अबुल असवाद] से [अल लैट्स] द्वारा वर्णित।