Pintu Ar-Rayyan untuk Para Shaimun (Ahli Puasa)
Imam Nasa'i : 2204
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِلصَّائِمِينَ بَابٌ فِي الْجَنَّةِ يُقَالُ لَهُ الرَّيَّانُ لَا يَدْخُلُ فِيهِ أَحَدٌ غَيْرُهُمْ فَإِذَا دَخَلَ آخِرُهُمْ أُغْلِقَ مَنْ دَخَلَ فِيهِ شَرِبَ وَمَنْ شَرِبَ لَمْ يَظْمَأْ أَبَدًا
हमका रिपोर्ट किहिन है [अली बिन हुज्र] उ कहिन; हमका [सैद बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू हाजिम] से [सहल बिन सद] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बताइन है: 'जो लोग रोजा रखत हैं, उनके लिए स्वर्ग मा एक दरवाजा है - जेका अर-रेयान कहा जात है-, ओनके अलावा ओ दरवाजा से केहू नाहीं घुसत है। जब ओनमा से आखिरी घुस चुका है, तौ दरवाजा बंद होइ जात है, जे ओसे घुसत है, उ निश्चित रूप से पियत है अऊर जे पी चुका है अऊर जे पी चुका है, उ हमेशा के लिए पियास नाहीं खाएगा'।