Shalat sunnah sebelum dzuhur empat rakaat, Allah haramkan dagingnya dari neraka
Imam Nasa'i : 1790
أَخْبَرَنَا هِلَالُ بْنُ الْعَلَاءِ بْنِ هِلَالٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَبِي أُنَيْسَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَيُّوبُ رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الشَّامِ عَنْ الْقَاسِمِ الدِّمَشْقِيِّ عَنْ عَنْبَسَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ قَالَ أَخْبَرَتْنِي أُخْتِي أُمُّ حَبِيبَةَ زَوْجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ حَبِيبَهَا أَبَا الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرَهَا قَالَ مَا مِنْ عَبْدٍ مُؤْمِنٍ يُصَلِّي أَرْبَعَ رَكَعَاتٍ بَعْدَ الظُّهْرِ فَتَمَسُّ وَجْهَهُ النَّارُ أَبَدًا إِنْ شَاءَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ
हमका [हिलाल बिन अल आला बिन हिलाल] सूचित कइके उ कहिन; [मेरे पिता] हमसे कहिन हैं, उ कहिन; हमका ['उबैदुल्लाह] से [जैद बिन अबू उनैसा] से सुनावा है, उ कहिन; मोका बतावा है [अय्यूब] - शाम के लोगन से एक आदमी - [अल कासिम अद दिमासिकी] से ['अंसाबाह बिन अबू सुफियान] से उ कहिन; ने मुझसे कहा है कि मोर बहिन [उम्म हबीबा] - पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी - कि ओकर प्रेमी - अर्थात् अबू अल कासिम शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - ने ई कहिके रिपोर्ट किहिन: 'कोउनो आस्तिक नाहीं है जे जुहर के बाद चार रकात नमाज पढ़त है, जेकर चेहरा नरक के आग से छूवा जाई, अगर अल्लाह जज्जा हमेशा के लिए हिलत है ई'।