Imam Nasa'i : 1526
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الصَّمَدِ بْنُ عَبْدِ الْوَارِثِ قَالَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ عُبَيْدٍ الْهُنَائِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ شَقِيقٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَازِلًا بَيْنَ ضَجْنَانَ وَعُسْفَانَ مُحَاصِرَ الْمُشْرِكِينَ فَقَالَ الْمُشْرِكُونَ إِنَّ لِهَؤُلَاءِ صَلَاةً هِيَ أَحَبُّ إِلَيْهِمْ مِنْ أَبْنَائِهِمْ وَأَبْكَارِهِمْ أَجْمِعُوا أَمْرَكُمْ ثُمَّ مِيلُوا عَلَيْهِمْ مَيْلَةً وَاحِدَةً فَجَاءَ جِبْرِيلُ عَلَيْهِ السَّلَام فَأَمَرَهُ أَنْ يَقْسِمَ أَصْحَابَهُ نِصْفَيْنِ فَيُصَلِّيَ بِطَائِفَةٍ مِنْهُمْ وَطَائِفَةٌ مُقْبِلُونَ عَلَى عَدُوِّهِمْ قَدْ أَخَذُوا حِذْرَهُمْ وَأَسْلِحَتَهُمْ فَيُصَلِّيَ بِهِمْ رَكْعَةً ثُمَّ يَتَأَخَّرَ هَؤُلَاءِ وَيَتَقَدَّمَ أُولَئِكَ فَيُصَلِّيَ بِهِمْ رَكْعَةً تَكُونُ لَهُمْ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَكْعَةً رَكْعَةً وَلِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَكْعَتَانِ
हमका [अल अब्बास बिन अब्दुल अजिम] सूचित कइके उ कहिन; मोका बतावा है ['अब्दुश शमाद बिन 'अब्दुल वारित्स] उ कहिन; मोका बतावा है [सैद बिन उबैद अल हुनाई] उ कहिन; हमसे कहिन है ['अब्दुल्लाह बिन स्याक] उ कहिन; हमसे [अबू हुरैराह] कहिन है, उ कहिन; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार मुशर्कियन का घेर लेय के चक्कर मा धजनन अऊर उस्फान के बीच एक जगह पर रुके रहे। बहुदेववादी कहत हैं; 'उन मुसलमानन के पास नमाज है, जिसे वे अपने बेटों और अपनी कुंवारी बिटियन से ज्यादा प्यार करत हैं, तो आप एकजुट हो जाओ, फिर एक वार से उन पर हमला करौ। महादूत गेब्रियल? तब लैहिस सलाम अल्लाह के रसूल के पास आए अऊर ओनका अपने साथियन का दुई समूहन मा बाँटै का आदेश दिहिन। यहिसे उ ओनके एक समूह के साथे प्रार्थना किहिन, जबकि दूसर समूह दुश्मन से सामना किहिन जवन अपने हथियारन के साथे तैयार रहा। पैगम्बर ने उनके साथ एक रकात नमाज पढ़ी, फिर उ लोग पीछे हट गए और दुश्मन का सामना कर रहे समूह आगे बढ़ गए। फिर पैगम्बर ने समूह के साथ एक रकात नमाज पढ़ी। उ सब नबी के साथे एक रकात अऊर एक रकात पढ़िन, जबकि अल्लाह के रसूल दुई रकात पढ़िन।