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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4217

حَدَّثَنِي مُحَمَّدٌ أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْهَلَكَتْ قِلَادَةٌ لِأَسْمَاءَ فَبَعَثَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي طَلَبِهَا رِجَالًا فَحَضَرَتْ الصَّلَاةُ وَلَيْسُوا عَلَى وُضُوءٍ وَلَمْ يَجِدُوا مَاءً فَصَلَّوْا وَهُمْ عَلَى غَيْرِ وُضُوءٍ فَأَنْزَلَ اللَّهُ يَعْنِي آيَةَ التَّيَمُّمِ

हमका [मुहम्मद] बताइस है ['अब्दह] से [हिस्याम] से [अपने पिता] से [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] कहिन; असमा का हार एक बार खो गया था, तो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कई दोस्तों को हार ढूंढने का आदेश दिया। फिर नमाज का समय आवा तौ हदत मा रहे तौ पानी नाय मिला। फिर बिना वजू के नमाज पढ़िन। तो अल्लाह अज्जा व जल्ला ने तैयमुम के बारे में आयत का उतार दिया'।