Sujud sahwi: sujud dua kali sebelum atau setelah salam, ketika lupa rakaat shalat
Imam Nasa'i : 1225
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ مِسْعَرٍ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَزَادَ أَوْ نَقَصَ فَلَمَّا سَلَّمَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلْ حَدَثَ فِي الصَّلَاةِ شَيْءٌ قَالَ لَوْ حَدَثَ فِي الصَّلَاةِ شَيْءٌ أَنْبَأْتُكُمُوهُ وَلَكِنِّي إِنَّمَا أَنَا بَشَرٌ أَنْسَى كَمَا تَنْسَوْنَ فَأَيُّكُمْ مَا شَكَّ فِي صَلَاتِهِ فَلْيَنْظُرْ أَحْرَى ذَلِكَ إِلَى الصَّوَابِ فَلْيُتِمَّ عَلَيْهِ ثُمَّ لِيُسَلِّمْ وَلْيَسْجُدْ سَجْدَتَيْنِ
हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका ['अब्दुल्ला] से [मिस'र] से [मंसूर] से [इब्राहिम] से ['अलकाम] से ['अब्दुल्ला] से उपदेश दिहिस है उ कहिन; रसूलुल्लाह शलल्लाह अलैहि व सल्लम ने नमाज पढ़ी, फिर उन्होंने -रकात- जोड़ा या घटाया। एक बार खतम होइके हम कहेन; या रसूलुल्लाह शलल्लाह अलैहि वा सल्लम क्या नमाज पढ़ने का नया तरीका है ? ' उ सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम कहिन: 'अगर नमाज पढ़ै का कौनो नया तरीका है, तौ मैं आपका जरूर बताउब, लेकिन मैं एक साधारण इंसान हौं, मैं भूल जात हौं जइसे भूल जात हौं। तो जेके नमाज में शंका है, तब सत्य के सबसे नजदीक वाले को देखो, फिर नमाज पूरी करो, फिर नमस्कार कर दो बार सजदा करो'।