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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4216

حَدَّثَنَا صَدَقَةُ أَخْبَرَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ عَنْ سُلَيْمَانَ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبِيدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ يَحْيَى بَعْضُ الْحَدِيثِ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ قَالَقَالَ لِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اقْرَأْ عَلَيَّ قُلْتُ آقْرَأُ عَلَيْكَ وَعَلَيْكَ أُنْزِلَ قَالَ فَإِنِّي أُحِبُّ أَنْ أَسْمَعَهُ مِنْ غَيْرِي فَقَرَأْتُ عَلَيْهِ سُورَةَ النِّسَاءِ حَتَّى بَلَغْتُ{ فَكَيْفَ إِذَا جِئْنَا مِنْ كُلِّ أُمَّةٍ بِشَهِيدٍ وَجِئْنَا بِكَ عَلَى هَؤُلَاءِ شَهِيدًا }قَالَ أَمْسِكْ فَإِذَا عَيْنَاهُ تَذْرِفَانِ

हमका [शदाका] बताइस है [यह्या] से [सुफयान] से [सुलेमान] से [इब्राहिम] से [अबिदा] से [अब्दुल्ला] कहिन; याह्या - हदीस का हिस्सा - [अमरू बिन मुर्रा] से उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कहा: 'मुझे कुरान पढ़ाओ! हम कहेन; कैसे पढ़ाऊँ तुम पर कुरान नाजल हो उ जवाब दिहिन: 'वास्तव मा हमका ई दूसर लोगन से सुनब पसंद है'। फिर मैं उनसे अक्षर अन निसा पढ़ा जब तक मैं छंद तक नहीं पहुँचा; तौ काफिरन का का होई, अगर हम हर समुदाय से एक गवाह - एक दूत - लावा अऊर हम तोहका - मुहम्मद - ओनके गवाह के रूप मा - तोहरे लोगन के रूप मा - एक निसा लावा; 41-,' उ कहिन; 'बहुत'। अऊर पता चला कि ऊ आँसू बहावत रहा - रोवत रहा-।