Akan keluar dari neraka yang mempunyai iman sebesar biji sawi
Imam Bukhari : 4215
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ حَدَّثَنَا أَبُو عُمَرَ حَفْصُ بْنُ مَيْسَرَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ أُنَاسًا فِي زَمَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلْ نَرَى رَبَّنَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعَمْ هَلْ تُضَارُّونَ فِي رُؤْيَةِ الشَّمْسِ بِالظَّهِيرَةِ ضَوْءٌ لَيْسَ فِيهَا سَحَابٌ قَالُوا لَا قَالَ وَهَلْ تُضَارُّونَ فِي رُؤْيَةِ الْقَمَرِ لَيْلَةَ الْبَدْرِ ضَوْءٌ لَيْسَ فِيهَا سَحَابٌ قَالُوا لَا قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا تُضَارُونَ فِي رُؤْيَةِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِلَّا كَمَا تُضَارُونَ فِي رُؤْيَةِ أَحَدِهِمَا إِذَا كَانَ يَوْمُ الْقِيَامَةِ أَذَّنَ مُؤَذِّنٌ تَتْبَعُ كُلُّ أُمَّةٍ مَا كَانَتْ تَعْبُدُ فَلَا يَبْقَى مَنْ كَانَ يَعْبُدُ غَيْرَ اللَّهِ مِنْ الْأَصْنَامِ وَالْأَنْصَابِ إِلَّا يَتَسَاقَطُونَ فِي النَّارِ حَتَّى إِذَا لَمْ يَبْقَ إِلَّا مَنْ كَانَ يَعْبُدُ اللَّهَ بَرٌّ أَوْ فَاجِرٌ وَغُبَّرَاتُ أَهْلِ الْكِتَابِ فَيُدْعَى الْيَهُودُ فَيُقَالُ لَهُمْ مَنْ كُنْتُمْ تَعْبُدُونَ قَالُوا كُنَّا نَعْبُدُ عُزَيْرَ ابْنَ اللَّهِ فَيُقَالُ لَهُمْ كَذَبْتُمْ مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِنْ صَاحِبَةٍ وَلَا وَلَدٍ فَمَاذَا تَبْغُونَ فَقَالُوا عَطِشْنَا رَبَّنَا فَاسْقِنَا فَيُشَارُ أَلَا تَرِدُونَ فَيُحْشَرُونَ إِلَى النَّارِ كَأَنَّهَا سَرَابٌ يَحْطِمُ بَعْضُهَا بَعْضًا فَيَتَسَاقَطُونَ فِي النَّارِ ثُمَّ يُدْعَى النَّصَارَى فَيُقَالُ لَهُمْ مَنْ كُنْتُمْ تَعْبُدُونَ قَالُوا كُنَّا نَعْبُدُ الْمَسِيحَ ابْنَ اللَّهِ فَيُقَالُ لَهُمْ كَذَبْتُمْ مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِنْ صَاحِبَةٍ وَلَا وَلَدٍ فَيُقَالُ لَهُمْ مَاذَا تَبْغُونَ فَكَذَلِكَ مِثْلَ الْأَوَّلِ حَتَّى إِذَا لَمْ يَبْقَ إِلَّا مَنْ كَانَ يَعْبُدُ اللَّهَ مِنْ بَرٍّ أَوْ فَاجِرٍ أَتَاهُمْ رَبُّ الْعَالَمِينَ فِي أَدْنَى صُورَةٍ مِنْ الَّتِي رَأَوْهُ فِيهَا فَيُقَالُ مَاذَا تَنْتَظِرُونَ تَتْبَعُ كُلُّ أُمَّةٍ مَا كَانَتْ تَعْبُدُ قَالُوا فَارَقْنَا النَّاسَ فِي الدُّنْيَا عَلَى أَفْقَرِ مَا كُنَّا إِلَيْهِمْ وَلَمْ نُصَاحِبْهُمْ وَنَحْنُ نَنْتَظِرُ رَبَّنَا الَّذِي كُنَّا نَعْبُدُ فَيَقُولُ أَنَا رَبُّكُمْ فَيَقُولُونَ لَا نُشْرِكُ بِاللَّهِ شَيْئًا مَرَّتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا
हमसे [मुहम्मद बिन अब्दुल अजीज] हमसे [अबू उमर हफश बिन मैसरह] से [जैद बिन असलम] से ['अथा बिन यासर] से [सैद अल खुदरी रदलियाअल्लाहु अनहू] से कहिन है, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय के दौरान कईयो लोग कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, क्या हम कायामत के दिन अल्लाह का दर्शन कर पाएंगे? पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया। 'हाँ,' का तोहका तेज सूरज देखब मुश्किल लागत है अऊर बादर नाहीं हैं?' उन्होंने कहा: 'नहीं हे अल्लाह के रसूल!' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'का तुमका पूर्णिमा के रात मा चंद्रमा का देखब मुश्किल लागत है, जेकरे नीचे कौनो बादल न होय?', उइ कहिन; 'नहीं, हे अल्लाह के रसूल!' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव मा, तुम ओनका क़ामत के दिन बिना कौनो कठिनाई महसूस किहे देखब जइसे कि तुम दुइनौ मा से कौनो एक का देखे रहेव। पुनरुत्थान के दिन, कॉल करै वाला घोषणा करि कि हर मण्डली उ चीज का पालन करि जवन उ पूजा करत है। तौ जे अल्लाह के अलावा दूसर मूर्ति अऊर दूसर देवता के रूप मा पूजा करत हैं, उ नरक मा गिर जइहैं। जब तक कि सब कुछ बच गवा जवन अल्लाह के पूजा करत रहें, दुनौ पुण्यवान अऊर दुष्ट, अऊर किताब के लोगन से कईयो लोग। तब यहूदियन का बोलावा जाई, अल्लाह ओनसे पूछी: तुम का पूजा करत हौ? उइ जवाब दिहिन; 'हम अल्लाह के बेटवा उजैर के पूजा करत हैं। तब ओनसे कहा जाई; 'तुम झूठे हौ! काहे से कि अल्लाह कबो पत्नी नाहीं लेत है अऊर न ही बच्चा पैदा करत है। अब का चाही? उइ जवाब दिहिन; 'हम बहुत पियासे हैं हे प्रभु, सो हमका कुछ पियै देइ दिहौ। यहिसे ओनका लइके देखावा गा रहा, 'पियौ। उ समय उइ नरक के आग मा इकट्ठा होइहैं जवन एक मृगतृष्णा के तरह दिखत है जवन एक दूसरे का नष्ट कइ देई। तब उइ नरक के आग मा डूब जइहैं। यहिके बाद ईसाइयन का बोलावा जई, तुम का पूजा करत हौ? उइ जवाब दिहिन; 'ईसू भगवान के बेटवा। एह बरे ओनसे कहा गवा: 'तू झूठा अहा! काहे से कि अल्लाह कबो पत्नी नाहीं लेत है अऊर न ही बच्चा पैदा करत है। अब का चाही? यहिसे उ यहूदीयन के तरह जवाब देइहैं अऊर नरक मा फेंक दीन जइहैं। फिर जे रह जात हैं उई हैं जे खाली अल्लाह के पूजा करत हैं। चाहे उ पुण्यवान मनई होंय या बुराई करै वाले मनई। भगवान ओनके पास एक अइसन रूप मा अइहैं जवन ओनके दिमाग मा ओनके बारे मा ओनके छवि का अनुमानित करत है। ओनसे कहा जाई; का इंतजार करत हौ? हर राष्ट्र दुनिया मा अपने पूजा करै वाले भगवान का पालन करत है। उइ जवाब देइहैं; हम दुनिया मा लोगन का तब छोड़ देत हैं जब हमका ओनके सबसे ज्यादा जरूरत होत है अऊर हम ओनका बराबर नाहीं मानत हैं। अब हम अपने रब्ब का इंतजार कर रहे हैं जेकर हम पूजा करत हैं। तब अल्लाह कहेगा; मैं तोहार रब्ब हउँ, उ हमेशा कहिहैं, दुइ या तीन बार; 'हम अल्लाह के साथ साथी नाहीं बनावत हैं'।