Mampu menahan diri tak makan harta anak yatim, kecuali miskin maka ia boleh makan harta itu menurut yang patut
Imam Bukhari : 4209
حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَافِي قَوْلِهِ تَعَالَى{ وَمَنْ كَانَ غَنِيًّا فَلْيَسْتَعْفِفْ وَمَنْ كَانَ فَقِيرًا فَلْيَأْكُلْ بِالْمَعْرُوفِ }أَنَّهَا نَزَلَتْ فِي وَالِي الْيَتِيمِ إِذَا كَانَ فَقِيرًا أَنَّهُ يَأْكُلُ مِنْهُ مَكَانَ قِيَامِهِ عَلَيْهِ بِمَعْرُوفٍ
हमसे [इशाक] हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन नुमीर] हमका [हिस्याम] से [अपने पिता] से [ऐस्या रदलियाह अन्हा] से अल्लाह तआला के वचनन के बारे मा कहिन है: 'जे - संरक्षकन मा से - सक्षम है, उ धन के धन खाए से परहेज करै या फिर जे गरीब है, धन का उचित हिसाब से खाओ'। -अन निसा`: 6- ऐस्याह कहिन: एक अनाथ के अभिभावक के बारे मा ई पता चला रहा, अगर ओका जरूरत परी तौ ऊ आपन पइसा इस्तेमाल कइ सकत है काहे से कि ऊ ओका उचित तरीका से देखभाल करत है।