Imam Abu Dawud : 4424
حَدَّثَنَا ابْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا الْمَسْعُودِيُّ حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ قَالَ كَانَ أَبُو ذَرٍّ يَقُولُ مَنْ قَالَ حِينَ يُصْبِحُ اللَّهُمَّ مَا حَلَفْتُ مِنْ حَلِفٍ أَوْ قُلْتُ مِنْ قَوْلٍ أَوْ نَذَرْتُ مِنْ نَذْرٍ فَمَشِيئَتُكَ بَيْنَ يَدَيْ ذَلِكَ كُلِّهِ مَا شِئْتَ كَانَ وَمَا لَمْ تَشَأْ لَمْ يَكُنْ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي وَتَجَاوَزْ لِي عَنْهُ اللَّهُمَّ فَمَنْ صَلَّيْتَ عَلَيْهِ فَعَلَيْهِ صَلَاتِي وَمَنْ لَعَنْتَ فَعَلَيْهِ لَعْنَتِي كَانَ فِي اسْتِثْنَاءٍ يَوْمَهُ ذَلِكَ أَوْ قَالَ ذَلِكَ الْيَوْمَ
हमसे कहिस है [इब्न मुआज़] कहिन, हमसे कहिन है [मेरे पिता] कहिन, हमसे कहिन है [अल मस'उदी] कहिन, हमसे कहिन है [अल कासिम] उ कहिन, ' [अबू धरर] कहिन; 'जौन कहै बिहान; 'अल्लाहुम्मा माँ हलफ्तू मिन हिलाफिन औ क़ुल्तु मिन कौलीन औ नदज़रतु मिन नदज़रिन फा मस्यियातुका बैना यादय ज़ालिका कुलिह माँ सीय`ता काना वा मां लाम तस्या` लाम यकुन अल्लाहुम्मा इमा लघुजिया लहुज़िया' अल्लाहुम्मा फामन शल्लैता 'अलेही फ'अलाही शलाति वमन ला'अंत फ'अलाही शलाति' -हे अल्लाह, अइसन नाहीं है कि मैं कसम से कसम खात हउँ, अऊर एक बयान के साथ बोलत हउँ, अऊर एक वचन के साथ कसम खात हउँ, लेकिन ई सब तुम्हार इच्छा के तहत अहै, जवन तुम निश्चित रूप से होब अऊर का तुम निश्चित रूप से नाहीं करब, अऊर अल्लाह मेरे लिए माफ़ करौ, अऊर हे अल्लाह मेरी गलतियन का माफ करौ, हे अल्लाह, जेका तुम समृद्धि देत हौ, मोर दुआ ओकरे ऊपर बरसा जात है, अऊर जेका तुम शापित करत हौ तौ मोर अभिशाप ओकरे ऊपर है-, तब ऊ अपवाद मा होई -देखभाल, रखवाली- अल्लाह उ दिन, या अबू ज़ार ने कहा; उ दिन'।