Imam Abu Dawud : 3481
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الذِّمَارِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقْرَأُ أَ { يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُ أَخْلَدَهُ }
हमसे कहिन है [अहमद बिन सालिह] हमसे कहिन हैं [अब्दुल मलिक बिन अब्दुर्रहमान अडज़ ज़िमारी] हमसे कहिन हैं [सुफयान] ने हमसे [मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] [जाबिर] से कहिन है, उ कहिन, 'मैंने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का पढ़त देखिन: 'एयाहसाबु अहलाहू अलैहि वसल्लम पढ़त रहे: 'एयाहसाबु अहलाहू अहलाहू अहलाहु अहलाहू - उनका लागत है कि धन ओका बनाए रख सकत है?- ' -प्रश्न। अल हुमाजाह: 3-।