Diperbolehkan bermalam dua malam saja (Nafar Awwal) bagi yang ingin cepat kembali
Imam Abu Dawud : 1685
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ عَنْ مَالِكٍ ح و حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي مَالِكٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي الْبَدَّاحِ بْنِ عَاصِمٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَخَّصَ لِرِعَاءِ الْإِبِلِ فِي الْبَيْتُوتَةِ يَرْمُونَ يَوْمَ النَّحْرِ ثُمَّ يَرْمُونَ الْغَدَ وَمِنْ بَعْدِ الْغَدِ بِيَوْمَيْنِ وَيَرْمُونَ يَوْمَ النَّفْرِ
हमका [अब्दुल्लाह बिन मसलामा अल कानाबी], [मलिक] से बताइस है। अऊर ई दूसर मार्ग से सुनावा गा है। हमसे [इब्नू अस सरह] बतावा गा है, हमसे [इब्नू वहब] बतावा गा है, [अब्दुल्ला बिन अबू बकर बिन मुहम्मद बिन अमर बिन हज़म] से [उनके पिता] से [अबू अल बद्दा बिन अशिम] से [उनके पिता] से [उनके पिता] से बतावा गा है [उनके पिता] से [इब्नू अस सरह] से बतावा गा है कि हमसे [इब्नू वहब] बतावा गा है। ऊँट चरवाहन का मीना मा रात न बितावै के राहत दिहिन। नहर के दिन फेंकत रहें, फिर अगले दिन फेंकत रहें अऊर अगले दिन के दुइ दिन बाद अऊर नफर के दिन फेंकत रहें -अर्थात मीना से लौटत समय-।