Imam Darimi : 171
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّلْتِ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدٍ قَالَ قَالَ عُمَرُ لِأَبِي مَسْعُودٍ أَلَمْ أُنْبَأْ أَوْ أُنْبِئْتُ أَنَّكَ تُفْتِي وَلَسْتَ بِأَمِيرٍ وَلِّ حَارَّهَا مَنْ تَوَلَّى قَارَّهَا
हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन अस शाल्ट] हमनी के [इब्नु अल मुबारक] से [इब्न 'आउन] से [मुहम्मद] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े: '[उमर] रदलिअल्लाहु अनहू इब्न मसूद रदलियाल्लाहु अनहू से कहले: 'का हम ना बतवले रहनी ना कहल गईल रहे -कथाकार के संपादक के बतावे चाहे बतावल जाए के निश्चितता प शक बा-- कि आप गवले बानी एगो फतवा भले ही रउआ -ओह घरी- नेता ना रहनी?, हेइह,,, बुराई के जोखिम ओह लोग के दे दीं जे एकर मिठास के मजा लेले बा।