Imam Darimi : 101
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ عَامِرٍ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ وَحُذَيْفَةَ أَنَّهُمَا كَانَا جَالِسَيْنِ فَجَاءَ رَجُلٌ فَسَأَلَهُمَا عَنْ شَيْءٍ فَقَالَ ابْنُ مَسْعُودٍ لِحُذَيْفَةَ لِأَيِّ شَيْءٍ تَرَى يَسْأَلُونِي عَنْ هَذَا قَالَ يَعْلَمُونَهُ ثُمَّ يَتْرُكُونَهُ فَأَقْبَلَ إِلَيْهِ ابْنُ مَسْعُودٍ فَقَالَ مَا سَأَلْتُمُونَا عَنْ شَيْءٍ مِنْ كِتَابِ اللَّهِ تَعَالَى نَعْلَمُهُ أَخْبَرْنَاكُمْ بِهِ أَوْ سُنَّةٍ مِنْ نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرْنَاكُمْ بِهِ وَلَا طَاقَةَ لَنَا بِمَا أَحْدَثْتُمْ
[अमर बिन आऊन] हमनी के [खालिद बिन अब्दुल्लाह] से [अथो`] से [अमीर] से [इब्न मसूद] से आ [हुदयफाह] से जानकारी देले बाड़े, उ लोग एक संगे बईठल रहले अवुरी केहु ओ लोग के लगे आईल अवुरी उनुका से कुछ पूछलस। इब्न मसूद खुद्जयफा से पूछले कि, 'रउरा का लागता कि उ लोग कवना मकसद से ए बारे में पूछतारे?' उ जवाब देले- उ लोग जानत रहे लेकिन तब उ लोग छोड़ देले। एकरा बाद इब्न मसूद उनुका लगे आके कहले कि, 'तू हमनी से कवनो चीज़ - कवनो मामला - के बारे में जवन भी पूछब - जवन कि अल्लाह के किताब अवुरी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सुन्नत में बा अवुरी हमनी के जानतानी, हमनी के आपके जानकारी देब, लेकिन हमनी के आपके जवन आविष्कार करतानी ओकरा प हमनी के कवनो ताकत नईखे - बिद'आह - '।