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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 3999

حَدَّثَنِي عَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ هُوَ النَّرْسِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ عَائِذٍ حَدَّثَنَا قَيْسُ بْنُ مُسْلِمٍ قَالَ سَمِعْتُ طَارِقَ بْنَ شِهَابٍ يَقُولُ حَدَّثَنِي أَبُو مُوسَى الْأَشْعَرِيُّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَبَعَثَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى أَرْضِ قَوْمِي فَجِئْتُ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُنِيخٌ بِالْأَبْطَحِ فَقَالَ أَحَجَجْتَ يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسٍ قُلْتُ نَعَمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ كَيْفَ قُلْتَ قَالَ قُلْتُ لَبَّيْكَ إِهْلَالًا كَإِهْلَالِكَ قَالَ فَهَلْ سُقْتَ مَعَكَ هَدْيًا قُلْتُ لَمْ أَسُقْ قَالَ فَطُفْ بِالْبَيْتِ وَاسْعَ بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ ثُمَّ حِلَّ فَفَعَلْتُ حَتَّى مَشَطَتْ لِي امْرَأَةٌ مِنْ نِسَاءِ بَنِي قَيْسٍ وَمَكُثْنَا بِذَلِكَ حَتَّى اسْتُخْلِفَ عُمَرُ

हमसे [अब्बास बिन अल वालिद, उर्फ अन नरसी] हमसे [अब्दुल वाहिद] से [अय्यूब बिन ऐदज़] हमसे कहिन है [कैस बिन मुस्लिम] उ कहिन, हम [थारिक बिन शैहाब] का कहत सुने रहेन, हमसे [अबू मूसा अल अस्यारी] रदलिया अनसुलुल्लाहुल्लाहल्लाहल्लाहुल्लाहुल्लाहि कहिन, वसल्लम ने अपने लोगन के गाँव भेजा, फिर मैं अबताह रुका। अल्लाह के रसूल ने पूछा: 'क्या आपने हज किया है, हे अब्दुल्लाह बिन कैस - जैसा कि अबू मूसा को कहा जात है -?' हाँ, रसूलुल्लाह,' हम जवाब दिहेन। पैगम्बर ने पूछा: 'और तुम अपने इहराम का नियत कैसे कहते हो? अबू मूसा कहिन; हम कहित है; 'लब्बैका इहलालन का इहलालिका'। -मैं तोहार आह्वान पूरा करत हउँ, मैं तोहार इहराम के रूप मा इहराम करै का इरादा रखत हउँ -रसूल, मतलब-। पैगम्बर ने पूछा: 'क्या आप बलि का जानवर भी लाए थे?' हम एकौ नाहीं लाये हई,' हम जवाब दिहेन। नबी ने कहा: 'फिर बैतुल्लाह में तवाफ करो और साफा और मरवा के बीच में साई करो, फिर तहल्लुल करो!' अऊर हम ई तब तक किहेन जब तक कि बनू कैस के एक औरत हमार पक्ष नाहीं लिहिस अऊर हम तब तक ई काम करत रहेन जब तक कि उमर का खलीफा नियुक्त नाहीं कीन गा।