Ketika seorang wanita dari suku Makhzum mencuri, Nabi menegakkan hukum dengan memotong tangannya tanpa pandang bulu
Imam Bukhari : 3965
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَخْبَرَنَا يُونُسُ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِأَنَّ امْرَأَةً سَرَقَتْ فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي غَزْوَةِ الْفَتْحِ فَفَزِعَ قَوْمُهَا إِلَى أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ يَسْتَشْفِعُونَهُ قَالَ عُرْوَةُ فَلَمَّا كَلَّمَهُ أُسَامَةُ فِيهَا تَلَوَّنَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَتُكَلِّمُنِي فِي حَدٍّ مِنْ حُدُودِ اللَّهِ قَالَ أُسَامَةُ اسْتَغْفِرْ لِي يَا رَسُولَ اللَّهِ فَلَمَّا كَانَ الْعَشِيُّ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ خَطِيبًا فَأَثْنَى عَلَى اللَّهِ بِمَا هُوَ أَهْلُهُ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَإِنَّمَا أَهْلَكَ النَّاسَ قَبْلَكُمْ أَنَّهُمْ كَانُوا إِذَا سَرَقَ فِيهِمْ الشَّرِيفُ تَرَكُوهُ وَإِذَا سَرَقَ فِيهِمْ الضَّعِيفُ أَقَامُوا عَلَيْهِ الْحَدَّ وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَوْ أَنَّ فَاطِمَةَ بِنْتَ مُحَمَّدٍ سَرَقَتْ لَقَطَعْتُ يَدَهَا ثُمَّ أَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِتِلْكَ الْمَرْأَةِ فَقُطِعَتْ يَدُهَا فَحَسُنَتْ تَوْبَتُهَا بَعْدَ ذَلِكَ وَتَزَوَّجَتْ قَالَتْ عَائِشَةُ فَكَانَتْ تَأْتِي بَعْدَ ذَلِكَ فَأَرْفَعُ حَاجَتَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन मुकातिल] हमसे कहिस है [अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [यूनुस] से [अज जुहरी] उ कहिन, हमसे कहिस है [उर्वाह बिन जुबैर], रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय एक औरत चोरी करत रही, ठीक तब जब मक्का के विजय भै रही। उनके लोग ई मामला के बारे मा चिंतित महसूस किहिन, यहिसे उइ उसामाह बिन जैद के साथे बातचीत मा प्रवेश किहिन, ई उम्मीद मा कि उइ उनके मध्यस्थ के माध्यम से उदारता माँग सकत हैं। उरवाह ने कहा, जब उसामा ने रसूलुल्लाह का आपन मामला बतावा अऊर राहत माँगिन, तौ रसूलुल्लाह के चेहरा बदलत लाग - ई उनके बढ़त भावनाओं के संकेत रहा। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'का तुम मोका अल्लाह के कानून के बारे मा 'समझौता' करै का आमंत्रित करै जा रहे हौ? उसामा का तुरंत ई कहके एहसास भवा कि 'हे अल्लाह के रसूल, मोर खातिर माफी माँगौ? दुपहरिया मा, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने एक भाषण दिहिन, अल्लाह का ओनके स्तुति के साथ स्तुति किहिन जवन कि ओनके लायक है अऊर फिर कहिन: 'आदरणीय मेहमान, आपसे पहिले के लोगन का दुर्भाग्य का सामना करै का पड़ा है काहे से कि अगर उच्च वर्ग से चोरी करै वाले - अधिकारी, रईस, राजनीतिक अभिजात वर्ग - तौ उई सहन करत रहें, दूसर ओर, अगर उ साधारण लोग - निम्न वर्ग से चोरी करत रहें। पूंजीपति वर्ग, बिना पद के -, उइ सजा लागू किहिन। मैं जेकरे हाथ मा हौं, अगर फातिमा बिन्त मुहम्मद चोरी करिहैं, तौ मैं ओकर हाथ निश्चित रूप से काट देब। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने औरत का हाथ काटवावै का आदेश दिहिन, बाद मा उ आपन पश्चाताप का अच्छा से पालन किहिन अऊर शादी कर लिहिन। [ऐस्याह] कहिन, बाद मा उ औरत आई अऊर हम ओकर जरूरतन के बारे मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बतायेन।