Tempat yang diperbolehkan untuk shalat: shalatlah kalian di kandang kambing dan jangan kalian shalat di tempat menderumnya unta
Imam Darimi : 1355
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا حَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَلَمْ تَجِدُوا إِلَّا مَرَابِضَ الْغَنَمِ وَأَعْطَانَ الْإِبِلِ فَصَلُّوا فِي مَرَابِضِ الْغَنَمِ وَلَا تُصَلُّوا فِي أَعْطَانِ الْإِبِلِ
हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन मिन्हल] हमनी के बतवले बाड़े [यजीद बिन ज़ुरै’] हमनी के बतवले बाड़े [हिसियाम बिन हसन] [मुहम्मद] से [अबू हुरैरा] से उ कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) कहले कि, 'जब नमाज के समय होखे अवुरी आपके बकरी के कलम अवुरी ऊंट के कलम के अलावे कवनो जगह ना मिले, त नमाज पढ़ाई।' बकरी के गोदाम में आ ऊंट के गोदाम में नमाज मत करीं।'