Menutup aurat meskipun hanya satu kain: Rasulullah shalat dengan mengenakan satu pakaian yang menyelimutinya
Imam Bukhari : 348
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ صَالِحٍ قَالَ حَدَّثَنَا فُلَيْحُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْحَارِثِ قَالَ سَأَلْنَا جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِعَنْ الصَّلَاةِ فِي الثَّوْبِ الْوَاحِدِ فَقَالَ خَرَجْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ فَجِئْتُ لَيْلَةً لِبَعْضِ أَمْرِي فَوَجَدْتُهُ يُصَلِّي وَعَلَيَّ ثَوْبٌ وَاحِدٌ فَاشْتَمَلْتُ بِهِ وَصَلَّيْتُ إِلَى جَانِبِهِ فَلَمَّا انْصَرَفَ قَالَ مَا السُّرَى يَا جَابِرُ فَأَخْبَرْتُهُ بِحَاجَتِي فَلَمَّا فَرَغْتُ قَالَ مَا هَذَا الِاشْتِمَالُ الَّذِي رَأَيْتُ قُلْتُ كَانَ ثَوْبٌ يَعْنِي ضَاقَ قَالَ فَإِنْ كَانَ وَاسِعًا فَالْتَحِفْ بِهِ وَإِنْ كَانَ ضَيِّقًا فَاتَّزِرْ بِهِ
हमसे [यह्या बिन सालिह] बतावा गा है, हमसे [फुलैह बिन सुलेमान] [सैद बिन अल हरिथ] से बतावा गा है, 'हम [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से कपड़ा पहिन के नमाज पढ़े के बारे मा पूछेन। तो उन्होंने जवाब दिया कि 'मैंने एक बार पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथ उनके एक यात्रा के दौरान नमाज पढ़ी थी। एक दिन शाम का हम अपनी जरूरतन के लिए आये रहेन। वहि समय हम ओका कपड़ा पहिन के प्रार्थना करत पायेन। यहिसे हम ओनके साथे जुड़ेन अऊर ओनके बगल मा प्रार्थना किहेन। जब उ खतम किहिन तौ उ पूछिन: 'तुमका का काम है - रात के ई समय - तुम आए रहे जाबिर?' यहिसे मैं आपन जरूरतन का उनके सामने बतायेंव। जब हम खतम किहेन, तौ उ कहिन: 'मैं तुमका -कपड़ा- का अइसने ढँकत काहे देखत हउँ? ' हम जवाब दिहेन, 'मोर कपड़ा तंग है!' उ कहिन: 'अगर कपड़ा चौड़ा है तौ ओका कंधा से बाँधौ, लेकिन अगर ई संकरा है तौ बस ओका पहिनौ -केवल गुप्त अंगन का ढँकय के ताईं-'।