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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Mujizat Rasulullah SAW ketika membuat Khondak

Imam Bukhari : 3793

حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ أَخْبَرَنَا حَنْظَلَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ مِينَاءَ قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَلَمَّا حُفِرَ الْخَنْدَقُ رَأَيْتُ بِالنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَمَصًا شَدِيدًا فَانْكَفَأْتُ إِلَى امْرَأَتِي فَقُلْتُ هَلْ عِنْدَكِ شَيْءٌ فَإِنِّي رَأَيْتُ بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَمَصًا شَدِيدًا فَأَخْرَجَتْ إِلَيَّ جِرَابًا فِيهِ صَاعٌ مِنْ شَعِيرٍ وَلَنَا بُهَيْمَةٌ دَاجِنٌ فَذَبَحْتُهَا وَطَحَنَتْ الشَّعِيرَ فَفَرَغَتْ إِلَى فَرَاغِي وَقَطَّعْتُهَا فِي بُرْمَتِهَا ثُمَّ وَلَّيْتُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ لَا تَفْضَحْنِي بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبِمَنْ مَعَهُ فَجِئْتُهُ فَسَارَرْتُهُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ ذَبَحْنَا بُهَيْمَةً لَنَا وَطَحَنَّا صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ كَانَ عِنْدَنَا فَتَعَالَ أَنْتَ وَنَفَرٌ مَعَكَ فَصَاحَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا أَهْلَ الْخَنْدَقِ إِنَّ جَابِرًا قَدْ صَنَعَ سُورًا فَحَيَّ هَلًا بِهَلّكُمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُنْزِلُنَّ بُرْمَتَكُمْ وَلَا تَخْبِزُنَّ عَجِينَكُمْ حَتَّى أَجِيءَ فَجِئْتُ وَجَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقْدُمُ النَّاسَ حَتَّى جِئْتُ امْرَأَتِي فَقَالَتْ بِكَ وَبِكَ فَقُلْتُ قَدْ فَعَلْتُ الَّذِي قُلْتِ فَأَخْرَجَتْ لَهُ عَجِينًا فَبَصَقَ فِيهِ وَبَارَكَ ثُمَّ عَمَدَ إِلَى بُرْمَتِنَا فَبَصَقَ وَبَارَكَ ثُمَّ قَالَ ادْعُ خَابِزَةً فَلْتَخْبِزْ مَعِي وَاقْدَحِي مِنْ بُرْمَتِكُمْ وَلَا تُنْزِلُوهَا وَهُمْ أَلْفٌ فَأُقْسِمُ بِاللَّهِ لَقَدْ أَكَلُوا حَتَّى تَرَكُوهُ وَانْحَرَفُوا وَإِنَّ بُرْمَتَنَا لَتَغِطُّ كَمَا هِيَ وَإِنَّ عَجِينَنَا لَيُخْبَزُ كَمَا هُوَ

हमका बतावा है [अमरू बिन अली] हमसे कहिस है [अबू 'अशिम] हमसे कहिस है [हंझलाह बिन अबू सुफियान] हमसे कहिस है [सैद बिन मीना'] उ कहिन, हम [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रादलियाअल्लाहु अन्हुमा का कहत सुने रहेन, 'जब खांडक रक्षा खाई के खोदाई कीन जात रही, इस्लाहुलाह सल्लल्लाहु भूख के हालत मा अलैहि वसल्लम।। एह बरे मइँ आपन मेहरारु स लउटि के ओसे पूछेउँ, ‘का तोहरे लगे खाना अहइ? हम देखेन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का भूखा रहा'। तौ ऊ एक बोरा निकारिस, जेहिमा एक शा' - एक बुशल - गेहूं रहा। यहिके अलावा, हमरे पास एक बच्चा बकरी है। फिर मैं बकरी का काट दिहेंव, जबकि मोर मेहरारू आटा के मिश्रण बनावत रही। जब हम आपन काम खतम किहेन, तौ हम बकरी के मांस का छोट-छोट टुकड़न मा काट के बर्तन मा रखेन। यहिके बाद मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले गय रहौं। मोर मेहरारू मोसे कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अऊर उनके साथियन के सामने मोका शर्मिंदा न करौ'। हम तुरंत उनसे मिले और उनसे फुसफुसाए, 'हे अल्लाह के रसूल! हम आपन एक बच्चा का काट दिहे रहेन, अऊर हमार पत्नी हमरे पास गेहूं के बुशल से आटा बनाइस। यहिसे, कृपया कईयो मित्रन के साथे एक साथ आवा।' तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने चिल्लाया: 'हे खंडक खोदने वाले! जाबिर ने आप सबके लिए एक पकवान बनाया है। हम सब मिलके खाना खाई!' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब जाबीर से कहिन: 'मेरे आवै से पहिले आपन बर्तन नीचे न करौ अऊर आपन रोटी के आटा न पकाओ'। फिर हम घरे गयेन। कुछ देर बाद अल्लाह के रसूल अपने दोस्तन से आगे आइन। मेहरारू से मुलाकात भै तौ बोलीं कैसन हौ! तुम कइसे हौ! ' हम जवाब दिहेन, 'हम वही किहेन जवन तुम हमका आदेश दिहे रहेव'। तौ हम आपन रोटी का आटा निकारेन, फिर नबी आशीर्वाद देय के ताईं आटा पै थूक दिहिन। यहिके बाद ऊ बर्तन के पास गवा - जहाँ बकरी पकाई गै रही -, फिर ऊ ओपे थूक दिहिस अऊर ओपे आशीर्वाद के प्रार्थना किहिस, वहिके बाद ऊ मोर मेहरारू से कहिस: 'पाना बनावै मा मदद करै के लिए बेकर का बुलावा।' फिर कढ़ी का सीधे कड़ाही से कटोरा मा भरौ अऊर आपन बर्तन का कभी नीचे न करौ। 'उस समय साथी सब हजार जने रहैं। अल्लाह कसम सब खाये फिर चले गये लेकिन हमार बर्तन अबहियों पहिले के तरह भरा अहै। यहि बीच आटा पहिले के तरह है।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 14497
Imam Bukhari : 2841, 3793
Imam Muslim : 3800