Imam Darimi : 85
أَخْبَرَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا فِطْرٌ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَصَابَ أَحَدَكُمْ مُصِيبَةٌ فَلْيَذْكُرْ مُصَابَهُ بِي فَإِنَّهَا مِنْ أَعْظَمِ الْمَصَائِبِ
आपां नै बतायो है [अबू नूआइम] आपां नै [फिथर] ['अथा`] सूं बतायो है: रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम: 'अगर थारै मांय सूं किणी नै कोई विपत्ति आवै है तो कल्पना करो कै म्हारै माथै विपत्ति आवै है, तो वा सबसूं बड़ी विपत्तियां मांय सूं एक होवैला'।